
दुर्ग। फर्जी सीबीआई और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 12.5 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी फतेहपुर, उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किए गए हैं। ये आरोपी तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर पहचान छिपाकर ठगी करते थे।

दुर्ग । 1 जुलाई 2025 को एक महिला को अज्ञात कॉलर ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच कोलावा का अधिकारी बताते हुए कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर मामलों में आरोपी है। डर और धमकी के कारण पीड़िता ने घर में ही 5 दिन तक खुद को “डिजिटल अरेस्ट” मान लिया और आरोपी के कहने पर अपनी जमा पूंजी, गहने गिरवी रखकर मुथूट फाइनेंस से पैसे जुटाए और अपने पेंशन खाते से ₹12,50,000 की राशि आरटीजीएस के जरिए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दी।
ठगी की जानकारी के बाद साइबर सेल और थाना भिलाई नगर की टीम ने संयुक्त जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण से यह पता चला कि सीम कार्ड फतेहपुर में फर्जी तरीके से बेचे गए थे और वहीं से ठगी की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। आरोपियों द्वारा कॉल कन्वर्टर मशीन और सॉफ्टवेयर की मदद से अपनी पहचान छुपाई जाती थी जिससे ट्रेसिंग कठिन हो जाती थी।
पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 03 कॉल कन्वर्टर मशीन, 01 लैपटॉप, 105 सीम कार्ड और 05 मोबाइल फोन बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपी:
- शहबाज़ उर्फ मोह. फैजल अहमद – निवासी मवाना, मेरठ, उत्तरप्रदेश
- अनस खान – निवासी सिविल लाइन, फतेहपुर, उत्तरप्रदेश
महत्वपूर्ण भूमिका में रही टीम:
उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम (थाना नेवई), प्र.आर. मेघराज चेलक, आरक्षक जावेद हुसैन, जुगनू सिंह (एसीसीयू) एवं पोषण चंद्राकर (थाना भिलाई नगर)।
पुलिस की अपील:
साइबर ठगों से सावधान रहें, किसी भी अनजान कॉल या डिजिटल धमकी से डरें नहीं, तत्काल पुलिस से संपर्क करें।