
दुर्ग। टेमरी (नगपुरा) में हुई महिला की अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी आकाश बघेल उर्फ मोनू (27 वर्ष, निवासी कातुल बोर्ड हरिनगर) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हत्या के बाद डोंगरगढ़ और तिरुअनंतपुरम में फरारी काट रहा था।
नौकरी का झांसा देकर वसूले थे रुपये
जांच में सामने आया कि आकाश वाटर फिल्टर प्लांट में संविदा कर्मी था। उसने मृतिका गंगोत्री जांगड़े को झांसा दिया कि एक परिचित अफसर की मदद से नगर पालिका और नगर पंचायत में संविदा पर नौकरी लगवा देगा। इसके लिए उसने 30 से 50 हजार रुपये मांगे और खुद को कभी आकाश तो कभी “अमन” बताकर फोन करता था। मृतिका से रुपये भी अपने खाते में ट्रांसफर करवाए।
हत्या की सुपारी दी
गंगोत्री ने 20 सितंबर को तय इंटरव्यू न होने पर आकाश और “अमन” के खिलाफ शिकायत करने की बात कही थी। यह सुनकर आकाश ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने साथी निर्भय जांगड़े को हत्या की सुपारी दी। इसके लिए उसने 1 लाख रुपये निर्भय के बैंक खाते में ट्रांसफर किए।
19 सितंबर की रात आकाश और निर्भय गंगोत्री को टेमरी गांव ले गए। खाने के बहाने बुलाने के बाद दोनों ने बेल्ट और चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए आकाश ने उसके चेहरे पर पत्थर पटककर उसे विकृत कर दिया और दोनों मौके से फरार हो गए।
पहले पकड़े गए थे 6 आरोपी
इस प्रकरण में पहले ही पुलिस ने निर्भय जांगड़े, जयदीप साहू, मनीष बंजारे, पवन सिंह, हेमलता बंजारे और एक बालक को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी आकाश घटना के बाद लगातार फरार था।
रेल्वे स्टेशन से दबोचा गया
फरारी के दौरान आकाश कभी डोंगरगढ़ मेले में तो कभी तिरुअनंतपुरम में छिपा रहा। आखिरकार दुर्ग लौटने पर पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी:
- आकाश बघेल उर्फ मोनू (27 वर्ष) निवासी कातुल बोर्ड हरिनगर