
सत्येन्द्र बडघरे कवर्धा – मानवता की मिशाल और मां की ममता यह कहावत हमने सिर्फ किताबों में ही सुनी थी परन्तु इसकी जीवन्त तस्वीर हमे छत्तीसगढ़ प्रदेश के कबीरधाम जिले में देखने को मिलती है जहां लोगों की भावनाओं को समझने वाली एक नेत्री रहती है,जिन्हें कुछ लोग एंबुलेंस वाली दीदी कहते है तो कुछ बच्चों ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए भावना मां का नाम दिया हुआ है, यह और इनकी समाज सेवी संस्था हमेशा गरीब और जरूरत मंदो की सेवा के लिए तत्पर और तैयार रहती है,चाहे बात शिक्षा की हो या स्वास्थ्य की लोगों की तकलीफों पर यह हमेशा खड़ी रहती है।
जी हा हम बात कर रहे हैं कबीरधाम जिले के विधानसभा क्षेत्र पंडरिया की विधायक श्रीमती भावना बहोरा और उनकी भावना समाज सेवी संस्था की जो आम जनता की सेवा के लिए हमेशा खड़ी रहती है, भावना संस्था ने जहां अनेकों बच्चों के शिक्षा की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में अनेकों निःशुल्क बस सेवा प्रदान की तो वहीं लोगों के स्वास्थ्य के लिए दर्जनों निःशुल्क एंबुलेंस की सुविधा भी दी।

मानवता की मिशाल यही खत्म नहीं होती ज्ञात हो कि विगत महीनों पूर्व जिले के एक वनांचल ग्राम सेमराहा में सड़क हादसा में दर्जनों आदिवासियों की मौत हो गई थी जिनके अनेकों बच्चो को भावना बहोरा और उनकी समाज सेवी संस्था ने गोद लिया था जिसके बाद से उन सभी बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी तक की जवादारी इन्हीं ने ली है, तब से लेकर सभी बच्चों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बच्चों के जरूरत की समान खरीदना बच्चों को नए नए जगहों पर घूमना पिकनिक जैसी सब कुछ बच्चों को भावना बहोरा और उनकी समाज सेवी संस्था करते हुए आ रही हैं, इसी कड़ी में एक बार फिर सावन के इस पवित्र माह में भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्यों के साथ ग्राम सेमरहा के बच्चों का अमरकंटक आगमन हुआ जहां बच्चों ने माँ नर्मदा मंदिर, सर्वोदय दिगंबर जैन मंदिर, कल्याण धाम एवं प्रमुख तीर्थ व दार्शनिक स्थलों में दर्शन कर शॉपिंग की,इस दौरान सभी बच्चे मेला मैदान, नया पालिका परिसर, अमरकंटक में पंडरिया विधायक भावना दीदी द्वारा कबीरधाम जिले के कांवड़ यात्रियों हेतु की गई निःशुल्क भोजन एवं विश्राम स्थल पहुंचे जहां सभी ने भोजन व प्रसादी ग्रहण किया ,बाजार में सभी बच्चों ने अपनी मन पसंद की चीजें खरीदीं। उनके चेहरे पर आई मुस्कान उनके उत्साह एवं पवित्र धाम अमरकंटक आने की खुशी बयां कर रहे थे।
