
दुर्ग । थाना नेवई क्षेत्र की निवासी नम्रता चन्द्राकर ने शिकायत दी थी कि 29 अप्रैल 2025 को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर उनके पिता को वीडियो कॉल किया। कॉल करने वाले मोबाइल नंबर 8473927649, 7077631410 और 7818090229 से यह झांसा दिया गया कि उनके नाम से केनरा बैंक खाते के जरिए 2 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर परिवार की संपत्ति संबंधी पूरी जानकारी ली गई और अलग-अलग खातों में 29 अप्रैल से 29 मई 2025 के बीच कुल 54.90 लाख रुपये जमा करवा लिए गए।
थाना नेवई में अपराध क्रमांक 156/25, धारा 318(4) बीएनएस एवं 67(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्य और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुई।
पुलिस टीम ने लखनऊ पहुंचकर आरोपियों दीपक गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार और शुभम श्रीवास्तव को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी शुभम श्रीवास्तव ने यूनियन बैंक शाखा पीएन रोड, लखनऊ में राजेश विश्वकर्मा के खाते का उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया। 29 मई को उस खाते में 9 लाख रुपये ट्रांसफर हुए, जिसे सेल्फ चेक के माध्यम से निकालकर शुभम ने राजेश, कृष्ण और दीपक को कमीशन के तौर पर 36,000 रुपये दिए और बाकी 8.64 लाख रुपये अपने पास रखे। बाद में इस रकम का हिस्सा अन्य साथियों — लाईक, राज, फबैलो और उज्जवल — को भी बांटा गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त कर लिए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
- दीपक गुप्ता, उम्र 19 वर्ष, निवासी थाना हजरतगंज, लखनऊ
- राजेश विश्वकर्मा उर्फ राजू पेंटर, उम्र 36 वर्ष, निवासी थाना हजरतगंज, लखनऊ
- कृष्ण उर्फ कृष, उम्र 19 वर्ष, निवासी थाना हजरतगंज, लखनऊ
- शुभम श्रीवास्तव, उम्र 25 वर्ष, निवासी त्रिवेणी नगर, लखनऊ
जांच टीम में शामिल:
निरीक्षक आनंद शुक्ला (थाना प्रभारी नेवई), उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, सहायक उप निरीक्षक रामचंद्र कंवर, प्रधान आरक्षक सूरज पांडेय, आरक्षक रवि बिसाई एवं साइबर टीम।