
विस्तार
रविकांत मिश्रा
भिलाई: किसी गुरूजी को उनके चेलों ने ऐसा सम्मान नहीं दिया होगा, जो सम्मान महकमे के कटिंगबाज गुरूजी के सम्मान में आयोजित महफिल हुआ। हिस्सा-बांट को लेकर उनके चेलों के बीच रार हो गई कि पहले सीएसपी छावनी कार्यालय के सामने हुज्जत हुई फिर टाउनशिप में तो लात घूंसे चल गए. इस बीच एक कटिंगबाज चेले की नाक से खून तक निकल आया है।अब अंदर खानों में गुरूजी की महफिल के चर्चे जोर मार रहे हैं. सांगवारी एक-दूसरे तक कहानी पहुंचा कर मजे ले रहे हैं. दरअसल महकमे के पुराने चावल को कटिंगबाजी में इतना हाथ साफ है कि कभी कोई दाग नहीं लगा. इसी वजह से उनके इस कौशल को सीखने के लिए रंगरूटों की हमेशा लाइन लगी रहती है. हुआ यूं कि शिक्षक दिवस से पहले कटिंगबाज चेलों ने मिलकर गुरूजी को अंगूरी की बेटी का स्वाद चखाने महफिल का आयोजन कर दिया, जहां अलग-अलग थानों के कटिंगबाज चेलों की बैठकी शुरू हुई। इस दौरान महफिल का खर्चा एक चेले ने वहन किया. पैसे देते समय तय हुआ था कि बाद में एडजेस्ट कर लिया जाएगा. लेकिन अंगूरी की बेटी का स्वाच चखते ही पुराने हिस्से बांट की चर्चा शुरू हो गई. लेकिन चर्चा कब बहस में बदली. किसी पता नहीं चला. इस बीच ऐसा कुछ हो गया कि हॉट टॉक लूज टॉक में बदल गई. पहले नंदिनी रोड पर तमाश हुआ फिर टाउनशिप में पहुंचते ही सभी बाहुबली बन गए और एक-दूसरे पर टूट गए. चर्चा यह भी है की इस दौरान कटिंगबाज़ी कर उस्ताद गुरूजी को भी उन्ही के चेलो ने नहीं बक्सा. इसके अलावा गुरूजी के साथ थाने में पदस्थ चेले को मुक्का मारकर नाक तोड़ दी, जिससे बेचारे चेले मुंह छिपाते फिर रहे हैं।