
विस्तार
गोविंदा चौहान । भिलाई: एक कहावत है कि रस्सी जल गई, लेकिन बल नहीं गया. ऐसे ही फितरत का है पुलिस महकमे का भौकाली बाबा है.उसका एक और ताजा मामला खूब जो मार रहा है. एक अंतराल के बाद बाबा मधुशाला पहुंचे, जो भी पहचान वाला आता. उसे अपनी बहादुरी के किस्से उसको सुनाए बिना जाने नहीं देते. यहां तक तो ठीक है, क्योंकि इनको जानने वाला अब आदी हो चुका है. साहेब कितनी गहराई की बात करते हैं. पुलिस वाले की वजह से सब कुछ झेल लेते हैं. इस बीच साहेब का नया हुनर भी देखने को मिला. जब खुद के पैसों के लिए जमा कम पड़ गए तो क्लाइंट खोजने में जुट गए. इस दौरान हरेक व्यक्ति को एक जाम दिलाने का आदेश देने लगते, इसी तरह बूंद-बूंद करके कोटा तो पूरा कर लेते हैं, लेकिन अचम्भा तब हुआ, जब गणेश पंडाल आयोजन सिमित से जुड़े कुछ लोग पहुंचे. उनके एंट्री करते ही मिलने पास बुला लिया. इधर-उधर की बातें हुई फिर धीरे से भौकाली बाबा उनसे पास मंगने लगे. इस पर समिति के लोग सुनकर भौचक्का रह गए. उनमें से एक तपाक से बोला कि आप तो वर्दी वाले हैं. आपको कौन रोकेगा. इस पर भौकाली बाबा खुद सकपका गए. इधर-उधर बगलें झांकने के बाद फिल्मी डायलॉग मार कर बोले मैं वर्दी का रौब नहीं दिखाता. यह कहकर मामला बैलेंस किया….. लोग उनकी इस नए हरकतों को देख कह रहे की भौकाली बाबा की माया अपरम पार है। मधुशाला यूक्त बाबा की जय हो।