

दुर्ग। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को कानूनों की व्यवहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से दुर्ग रेंज स्तरीय तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06, भिलाई में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल ने किया।
प्रशिक्षण कार्यशाला में दुर्ग रेंज के दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के कुल 81 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें दुर्ग जिले से 47, बालोद से 24 और बेमेतरा से 10 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
कार्यशाला में वरिष्ठ आरक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारियों को नवीन आपराधिक कानूनों के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही अपराधों की विवेचना एवं अनुसंधान की नई प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन, प्रकरणों में कानून के व्यवहारिक अनुप्रयोग और प्रभावी एवं विधिसम्मत पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बालोद और बेमेतरा जिले के प्रशिक्षणार्थी अधिकारी-कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों को नवीन कानूनों के प्रावधानों को गंभीरता से समझने और अपने कार्यक्षेत्र में उनका प्रभावी एवं विधिसम्मत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
इस तीन दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नवीन आपराधिक कानूनों संबंधी ज्ञान और व्यवहारिक दक्षता में वृद्धि करना, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा कानून के अनुरूप प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग सुनिश्चित करना है।
कार्यशाला के आयोजन और समन्वय में नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री मणिशंकर चन्द्रा, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा, सीसीटीएनएस प्रभारी काशी बरेठ सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।