
मनमानी फीस वसूली से लेकर पालकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य करने तक के मामले में स्कूल प्रबंधन को जवाब तलब, तीन दिन की मोहलत; संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मान्यता समाप्ति तक की कार्रवाई संभव।
शिक्षा के नाम पर मनमानी और पालकों के साथ कथित तौर पर किए जा रहे अनुचित व्यवहार के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इकाई धमधा द्वारा उठाई गई आवाज अब प्रशासनिक स्तर पर असर दिखाने लगी है। राइस एंड शाइन स्कूल के विरुद्ध परिषद द्वारा किए गए आंदोलन और उठाए गए मुद्दों पर जिला शिक्षा अधिकारी, जिला दुर्ग ने सख्त रुख अपनाते हुए विद्यालय प्रबंधन को जवाब प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया है।

विद्यालय में टी.सी. लेने पर फीस वापस नहीं करने, कर्मचारियों का वेतन रोकने, फीस विलंब होने पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने तथा विद्यार्थियों के पालकों को स्कूल से ही महंगी किताबें और स्कूल बैग खरीदने के लिए बाध्य करने जैसे गंभीर विषयों पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही तय की है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 06 नवंबर 2026 को जारी पत्र में स्कूल संचालन समिति के अध्यक्ष/सचिव एवं प्राचार्य को तीन दिवस के भीतर दस्तावेजों सहित समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पत्र में संबंधित शिक्षा अधिनियमों का उल्लेख करते हुए विद्यालय की मान्यता समाप्त करने तथा अतिरिक्त शुल्क की दोगुनी राशि तक दंड अधिरोपित करने जैसी कठोर कार्रवाई का भी प्रावधान बताया गया है।
ABVP नगर मंत्री रितेश सिन्हा ने इसे विद्यार्थी एवं पालक हित में उठाई गई आवाज की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। परिषद का स्पष्ट मत है कि शिक्षा के मंदिरों में मनमानी, आर्थिक शोषण और पालकों पर अनावश्यक दबाव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद ने कहा कि छात्रहित और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक उसकी आवाज बुलंद होती रहेगी।