
भिलाई। साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए अपना बैंक खाता किराये पर उपलब्ध कराने वाले एक युवक को पुरानी भिलाई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के बैंक खाते में 14 लाख 16 हजार 645 रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र अंतर्गत संचालित बैंक खातों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र की चिखली शाखा में संचालित एक खाते का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किए जाने का खुलासा हुआ।
विवेचना में सामने आया कि खाताधारक ने पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। उक्त खाते का उपयोग साइबर अपराध में म्यूल अकाउंट के रूप में किया गया, जिसमें लगभग 14.16 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिला।
मामले में थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने अपराध क्रमांक 258/2026 के तहत धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आकाश भट्ट (22 वर्ष), निवासी अहिवारा, थाना नंदिनी, जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोपी से बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग या सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना साइबर अपराध में संलिप्तता की श्रेणी में आता है और इसके लिए कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।