
महासमुंद।
खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे की जांच के लिए कांग्रेस द्वारा गठित 6 सदस्यीय टीम ने बुधवार को घटनास्थल पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने हादसे के पीछे तकनीकी खामियों और लापरवाही को मुख्य कारण बताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर बनी इस समिति का नेतृत्व खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव कर रहे थे। उनके साथ सरायपाली विधायक चातुरी नंद, अमरजीत चावला और केशव चंद्राकर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। टीम ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया।

केबल की गुणवत्ता पर सवाल
जांच के दौरान टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां रोपवे ट्रॉली दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। टूटे हुए केबल की जांच में पाया गया कि उसके बाहरी हिस्से में स्टील तार था, जबकि अंदर नायलॉन रस्सी का उपयोग किया गया था। टीम का कहना है कि इस तरह के रोपवे में पूरी तरह स्टील के मजबूत केबल का इस्तेमाल होना चाहिए था। ऐसे में केबल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
मेंटेनेंस में भारी कमी
जांच दल के अनुसार, नवरात्रि से कुछ दिन पहले ही रोपवे का मेंटेनेंस किया गया था, लेकिन उस दौरान कोई तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। मेंटेनेंस के दौरान ऊपरी स्टेशन का मुख्य चक्का बदला गया, जो पहले लगे चक्के से अलग पाया गया। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों से पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण रोपवे को जनरेटर से चलाया जा रहा था।
अनुभवहीन टीम से कराया जा रहा था संचालन
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने बताया कि पहले रोपवे संचालन अनुभवी टीम कर रही थी, लेकिन बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के टीम बदल दी गई और कम अनुभवी स्थानीय कर्मचारियों को जिम्मेदारी दे दी गई। इसके चलते नियमित जांच, मेंटेनेंस और जरूरी चेकलिस्ट का पालन नहीं किया जा रहा था।
मुआवजे पर उठे सवाल
जांच दल ने हादसे में मृतकों और घायलों के लिए घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताया। उनका कहना है कि मृतकों के परिजनों को कम से कम 50-50 लाख रुपये मुआवजा और घायलों का पूरी तरह मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर समिति जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को