
दुर्ग। ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर म्यूल अकाउंट के जरिए अवैध लेन-देन करने वाले गिरोह के खिलाफ पदमनाभपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल दुर्ग भेजा गया है। इससे पहले इसी प्रकरण में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, हुडको भिलाई निवासी अविनाश दुबे (27) ने 30 दिसंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे झांसे में लेकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक अपने पास रख लिए। इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त रकम का अवैध लेन-देन किया जा रहा था।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 566/2025 के तहत बीएनएस की धारा 317(4), 319(2), 61 तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धारा 42(2), 42(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पहले गिरफ्तार आरोपियों में लोकेश कुमार जाधव, टवन कुमार जाधव, विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड़, अमित मिश्रा और विशाल मसीह शामिल हैं।
विवेचना के दौरान टवन कुमार जाधव से बरामद आईडीबीआई बैंक डेबिट कार्ड की जांच में सामने आया कि कार्ड बादल नाहरकर (21) और मुरारी महानंद (60) के नाम से जारी थे। जांच में पाया गया कि दोनों आरोपी अपने बैंक खाते धन के लालच में गिरोह को उपलब्ध कराते थे।
पुलिस ने दोनों को सिद्धार्थ नगर दुर्ग क्षेत्र से गिरफ्तार कर 28 फरवरी 2026 को न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया। मामले की विवेचना जारी है।
सराहनीय कार्य: इस कार्रवाई में थाना पदमनाभपुर की टीम और साइबर समन्वय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील: दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या ओटीपी साझा न करें। ऑनलाइन गेमिंग या त्वरित लाभ के लालच में बैंक खातों का दुरुपयोग करना दंडनीय अपराध है। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।