
ठाणे । ठाणे के कलवा से गिरफ्तार किए गए इंजीनियर रवि वर्मा को लेकर महाराष्ट्र एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि रवि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की महिला एजेंटों के हनीट्रैप का शिकार हुआ और देश की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर जानकारियां पाकिस्तान को सौंप दीं। ये महिला एजेंट्स सोशल मीडिया पर खुद को पायल शर्मा, आकृति, प्रीति कुमारी जैसे भारतीय नामों से पेश करती थीं और रवि से फेसबुक के जरिए संपर्क में आईं।
रवि वर्मा, जो एक निजी डिफेंस कांट्रैक्टर कंपनी में काम करता था और डॉकयार्ड जैसे नौसेना के प्रतिबंधित क्षेत्रों में उसका आना-जाना होता था, को ISI की महिला एजेंटों ने प्रेम जाल में फंसाकर उससे वॉरशिप, पनडुब्बियों और अन्य संवेदनशील रक्षा सूचनाएं हासिल कीं। एटीएस की जांच में पता चला है कि बातचीत के लिए एजेंटों ने भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल जानबूझकर किया ताकि रवि और सुरक्षा एजेंसियों को शक न हो।
कैसे शुरू हुआ जाल
रवि को नवंबर 2024 में फेसबुक पर ‘पायल शर्मा’ नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। दोस्ती जल्दी ही प्यार में बदल गई। रवि को जानकारी थी कि पायल हिंदू नहीं, मुस्लिम है लेकिन उसने कभी इस पर सवाल नहीं उठाया। एटीएस को शक है कि इसी दौरान उसने लगातार 7 महीनों तक 14 पनडुब्बियों, युद्धपोतों, वैज्ञानिक भंडारण के स्थान, बैकअप योजनाओं, गोदामों में हथियारों की मौजूदगी और नौसेना में तैनात सैनिकों की संख्या तक की जानकारी महिला एजेंटों के जरिए ISI को भेजी।
ISI एजेंटों की नई चाल – भारतीय सिम कार्ड
एटीएस के अनुसार आरोपी से जिन नंबरों से संपर्क किया गया, वे सभी भारतीय सिम कार्ड हैं। महिला एजेंटों ने बातचीत में खुद को भारतीय नागरिक बताया। ATS यह पता लगाने में जुटी है कि पाकिस्तानी एजेंटों को भारतीय सिम कार्ड कौन और कैसे उपलब्ध करवा रहा है। इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हसन नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो पाक एजेंटों को सिम कार्ड सप्लाई करता था। महाराष्ट्र एटीएस अब दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय में जांच कर रही है।
पैसे और डिजिटल सबूत
जांच में यह भी सामने आया है कि रवि वर्मा को इस जानकारी के बदले नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच लगभग 9,000 रुपये दिए गए थे। ये रकम डेड बैंक खातों से ट्रांसफर की गई। आरोपी ने ये लेनदेन छिपाने के लिए अलग-अलग अकाउंट का इस्तेमाल किया। वहीं, रवि ने अपने फोन से अधिकांश महत्वपूर्ण चैट्स और फोटोज को डिलीट कर दिया था, लेकिन एटीएस ने तकनीकी जांच कर उन डिलीटेड डाटा को रिकवर कर लिया है।
सोशल मीडिया से जासूसी
रवि सोशल मीडिया पर पायल शर्मा, isprit, आकृति, सिंघल कुमार जैसे कई फर्जी प्रोफाइल के संपर्क में था। उसने जासूसी के लिए जानबूझकर सोशल मीडिया पर अलग अकाउंट का इस्तेमाल किया और डॉकयार्ड जैसे बेहद संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें साझा कीं।
आरोपी पर दर्ज गंभीर धाराएं
एटीएस ने रवि के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धारा 3(1)(b) और 5(a) के अंतर्गत केस दर्ज किया है। साथ ही, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
मां ने बताया निर्दोष
रवि की मां रेखा वर्मा ने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है। रेखा के अनुसार, रवि ने उनसे कहा था कि वह फेसबुक बंद करने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस रवि को पासपोर्ट के बहाने लेकर गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि एटीएस ने उसे हिरासत में लिया है।
देशभर में फैला हुआ है नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, यह कोई अकेला मामला नहीं है। ISI के एजेंट भारतीय सिम कार्डों का उपयोग करके देश के अन्य हिस्सों में भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह उनकी नई मोडस ऑपरेंडी है, जो पहले से ज्यादा खतरनाक है।
महाराष्ट्र एटीएस और देश की खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनजान नंबरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध संपर्क की सूचना तुरंत पुलिस को दें।