गरियाबंद में महिला नगर सैनिक की संदिग्ध मौत का मामला गरमाया, आदिवासी विकास परिषद ने की सीबीआई जांच की मांग

गरियाबंद । गरियाबंद की महिला नगर सैनिक की संदिग्ध मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आदिवासी विकास परिषद ने आज राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट परिसर में सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान मृतका के परिजनों के साथ समाज के कई प्रमुख सदस्य भी मौजूद रहे।

परिवार ने बयां किया दर्द, समाज की आंखें हुईं नम

ज्ञापन सौंपने से पहले मृतिका के पिता शंकर ध्रुव ने समाज के सामने अपनी बेटी के साथ हुई प्रताड़ना को भावुक होकर साझा किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अपनी यूनिट की सबसे बहादुर नगर सैनिक मानी जाती थी, और यह मानना मुश्किल है कि उसके दामाद ने अकेले ही उसकी हत्या कर दी हो।

मानसिक प्रताड़ना और संस्थागत अनियमितताओं का आरोप

परिजनों का आरोप है कि गरियाबंद के कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं के साथ हो रहे अनुचित व्यवहार और वहां की अनियमित व्यवस्थाओं के कारण मृतिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका यह भी कहना है कि आरोपी दामाद को जानबूझकर उकसाया गया, जिससे यह दुखद घटना घटी।

सीबीआई जांच और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

ज्ञापन में सीबीआई जांच की मांग के साथ-साथ, जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। परिषद ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने सिर्फ खानापूर्ति की है और अब तक किसी प्रभावी कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया गया।

प्रमुख मांगें:

  • मामले की सीबीआई जांच कराई जाए
  • तत्कालीन हॉस्टल अधीक्षक पर सख्त कार्रवाई हो
  • जिम्मेदार अधिकारी डीएमसी को तत्काल हटाया जाए
  • हॉस्टल की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
  • मृतिका पर लगाए गए चारित्रिक लांछनों की गहन जांच हो
  • यह स्पष्ट किया जाए कि आरोपी सोहन साहू अकेले दोषी है या अन्य लोग भी शामिल हैं

समाज का संकल्प: न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा

इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम, जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, और सरपंच संघ अध्यक्ष पन्ना लाल ध्रुव ने किया। समाज ने स्पष्ट किया कि जब तक मृतिका को न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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