नोएडा में डॉक्टर दंपती की अनोखी तलाक की कहानी: पति की आध्यात्मिक विचारधारा बनी तलाक की वजह

नोएडा । नोएडा के एक निजी अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर दंपती की शादी को तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उनकी शादीशुदा जिंदगी में कभी भी संबंध नहीं बने। पत्नी का कहना है कि वह संतान पैदा करना चाहती है, लेकिन पति आध्यात्म की तरफ ध्यान देने की बात कहते हैं। इस विरोधी विचारधारा के कारण दोनों के बीच आए दिन लड़ाई होती रहती थी।

पत्नी ने अदालत में तलाक की अर्जी लगाई है, जिसमें कहा गया है कि पति नपुंसक हैं और वह संतान पैदा करना चाहती है। अदालत ने दोनों पक्षों को साथ रहने के लिए अवसर देते हुए 18 मार्च की तारीख लगाई है। अगर दोनों साथ रहने को तैयार नहीं हुए तो तलाक पर बहस हो सकती है।

महिला के अधिवक्ता ने बताया कि महिला के पिता का नाम शहर के बड़े डॉक्टरों में शामिल है। महिला भी डॉक्टर हैं, वह पिता के साथ मरीजों का इलाज करती हैं। तीन वर्ष पहले उनकी शादी के नोएडा के एक फिजिशियन से कौशांबी स्थित एक होटल में हुई थी। शादी के बाद दोनों एक कमरे में रहते थे, लेकिन कभी भी दोनों के बीच संबंध नहीं बने। पत्नी जब भी पति के पास जाने की कोशिश करती थी, वह आध्यात्म का हवाला देकर टालमटोल करता था।

पत्नी ने बताया कि पति ने टेस्ट ट्यूब बेबी पैदा करने की मांग की। इसकी प्रक्रिया शुरू होने के बाद पति अपना सीमेन देने से टालमटोल करने लगा, कहा कि वह सीमेन बैंक से उपलब्ध कराएगा, लेकिन इसके लिए पत्नी राजी नहीं हुई। इसके बाद पत्नी ने अपने पिता को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। तब पता चला कि महिला का पति नपुंसक है। इसके बाद नाराज होकर पत्नी अपने पिता के पास आ गई और अदालत में तलाक की अर्जी लगाई है।

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