
भिलाई: पुलिस महकमे के रक्षक ही कानून तोड़ने वालों के सरंक्षक बने हुए हैं. एेसा ही मामला टाउशिप क्षेत्र के एक थाने में सामने आया है. थाने के लिस्टेड बदमाश के खिलाफ करीब 4 साल पहले अपराध हुआ. उस प्रकरण में विवेचक अब तक आरोपी को गिरफ्तार कर केस डायरी कोर्ट पेश नहीं कर पाए. वजह नेताजी के के राइट और लेफ्ट हैंड के लिए के काम जो करता था. इस बीच गोलीकांड का बड़ा प्रकरण सामने आया. इस पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर बदमाशों को उनकी औकात दिखाना शुरू कर दिया. पुलिस की आंधी में वो बदमाश भी चपेट में आया. उसके खिलाफ नया अपराध पंजीबद्ध हुआ, गिरफ्तारी होकर जेल भी भेजा गया. लेकिन पुराना प्रकरण तब भी दबा रहा. इस बीच पेडिंग अपराधों की समीक्षा की बारी आई तो विवेचकों की पोल खुल गई. इस सर्किल साहिब आग-बबूला हो गए. उन्होंने जमकर लताड़ लगाई. कप्तान तक उनके कारनामों को उजागर करने की चेतावनी दे दी, फिर क्या था बेचरे विवेचकों के हाथ-पैर फूल गए. अब तक नेताजी ही नहीं रहे तो उनके लेफ्ट और राइट हैंक कहां बचेंगे. रात रात भर जाग-जाग कर फंदे में फंसी गर्दन को निकालने की जुगत में लगे हैं!