
दुर्ग । दुर्ग जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ड्रग इंस्पेक्टरों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह नकली दवा के नाम पर दवा दुकानों में छापेमारी कर दुकान संचालकों को धमकाने और उगाही करने का काम करता था। पुलिस ने इस गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
धमधा थाना प्रभारी पीडी चंद्रा ने बताया कि ग्राम धुमा धमधा निवासी रघुनंदन प्रसाद वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे दिलेंद्र कुमार वर्मा की दवा दुकान में फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर आए और उन्हें धमकाया। आरोपियों ने दुकान से कुछ दवाएं भी अपने साथ ले गए।
रघुनंदन प्रसाद वर्मा ने बताया कि वह खेती-किसानी का काम करते हैं और उनके बेटे दिलेंद्र कुमार वर्मा ने तीन साल पहले लाइसेंस लेकर घर में मेडिकल दुकान खोली थी। गुरुवार दोपहर वह ग्राम सिलपट्टी में दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने गया था। उस दौरान दुकान में बैठे लड़के ने बताया कि एक शख्स ने कॉल कर खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए बिना लाइसेंस के दवा दुकान चलाने पर कार्यवाई के लिए धमकाने लगा। इसके साथ ही खैरागढ़ कलेक्टोरेट में मिलने के लिए बुलाया है।
इसके बाद रघुनंदन ने अपनी बहू को कॉल किया, जिसने बताया कि स्कार्पियो (सीजी 17 केएच 8580) में पांच लोग सवार होकर घर आए और खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताकर मेडिकल दुकान में घुस गए। उन्होंने बिना लाइसेंस दुकान चलाने पर जेल भेजने की धमकी दी और कुछ दवाएं सैम्पल के लिए अपने साथ ले गए।
इसी तरह ग्राम खैरझिटी निवासी वैद्यराज जोहन लाल वर्मा ने भी बताया कि स्कार्पियो में सवार होकर 5 लोग आए, खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताए और आयुर्वेदिक दवाओं के दो डिब्बे अपने साथ ले गए।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान पंडरिया कवर्धा निवासी मनीष जंघेल, भूषण वर्मा, तारन वर्मा, टाकेश्वर जंघेल, अतेनमणी अंचित के रूप में की है। आरोपियों के पास से एक स्कार्पियो भी बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।