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भिलाई: पुलिस विभाग की स्पेशल ब्रांच में एक अदना सा कर्मचारी खुद को राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर के सक्षम का अधिकारी समझने लगा है. पिछले दिनों तो एक अफसर के मुंह पर ही उसका आदेश मानने से इंकार कर दिया. कहने लगा कि वो उसे अपना सुपरीरियर नहीं मानता है. वो तो अधिकारी की दरियादिली थी. इतना सब सुनने के बाद भी अपना-आपा नहीं खोए. लेकिन अंदर की ऐसी है कि बेचारे अफसर शासन से बड़ी पोस्ट तो लेकर आ गए. लेकिन जिले में ही उनकी हाथ बांध दिए गए. इसका फायदा उस अदने से सिपाही ने उठाना शुरू कर दिया. डेस्क पर बैठकर वसूली के नए-नए पैतरे तैयार करने की वजह से वो दूसरे अफसरों का चहेता बन बैठा है. इस बीच उसके बंद कुबेर के द्वार के ताले खोलने की वाली कहानी भी ऊपर तक पहुंची, फिर भी उसका बाल बाका नहीं हो सका. बस फिर क्या था। उसका सीना 56 इंच हो गया. दो और तीन स्टार को चना-मुर्रा समझ कर अपना जूनियर मानता है. इनसे बड़ी रेंक के अफसरों के समकक्ष खुद को मानने लगा है, इसलिए एेसे ही ब्रांच में बैठे पदोन्नति पाकर आए मठाधीश के साथ मिलकर 50% -50% का खेल खेलकर कौन बनेगा करोड़पति की रेस में दौड़ रहा है!