
दुर्ग । दुर्ग जिले में जमीन बेचने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने खुद को जमीन का मालिक बताकर एक व्यक्ति से अलग-अलग किश्तों में कुल 8 लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। मामला न्यायालय तक पहुंचने के बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवादी जितेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, वर्ष 2019 में भीमराज नाम के व्यक्ति ने ग्राम नवातरिया की एक एकड़ जमीन को अपनी बताते हुए 13 लाख रुपये में सौदा किया था। इसके बाद बयाने और अन्य किश्तों के रूप में आरोपी को कुल 8 लाख रुपये दिए गए। इसमें चेक के जरिए भुगतान के साथ-साथ नकद रकम भी शामिल थी। बाद में सीमांकन और रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर आरोपी ने वर्ष 2020 और 2022 में भी रकम ली।
काफी समय बीतने के बाद जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो परिवादी ने जमीन के खसरा और बी-1 रिकॉर्ड की जांच की। जांच में सामने आया कि संबंधित जमीन आरोपी के नाम पर थी ही नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड में वह अर्जुन पिता राजूलाल और ज्योति के नाम दर्ज थी। इसके बाद परिवादी ने आरोपी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
परिवादी ने पहले पुलिस थाने और फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया। जेएमएफसी दुर्ग ने दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला मानते हुए पुलिस को अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी भीमराज के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब पुलिस इकरारनामा, बैंक लेन-देन, राजस्व दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।