
दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने साइबर और आर्थिक अपराधियों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2022 से अवैध रूप से बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को बेचने का कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और 1 पैन कार्ड बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार 24 मई 2026 को सूचना मिली थी कि जगदलपुर निवासी मनोज कुमार भुतड़ा अपने साथियों के साथ म्यूल अकाउंट का सामान खपाने भिलाई आया हुआ है। सूचना पर सुपेला थाना एवं एसीसीयू टीम ने सुपेला ओवरब्रिज स्थित पांच रास्ता हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी मनोज कुमार भुतड़ा ने बताया कि वह वर्ष 2022 से म्यूल अकाउंट का कारोबार कर रहा है। साधारण बैंक खातों को 15 से 20 हजार रुपये तथा करंट अकाउंट को 40 से 50 हजार रुपये में आर्थिक अपराधियों को बेचा जाता था। आरोपी खाते खुलवाने के लिए न्यूनतम बैंक बैलेंस की राशि भी खुद उपलब्ध कराता था और बाद में वापस निकाल लेता था।
जांच में सामने आया कि इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत विभिन्न बैंकों में खोले गए खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं। बालोद, गुण्डरदेही, दुर्ग, जगदलपुर सहित कई क्षेत्रों में संगठित तरीके से खाते खुलवाए गए थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी बड़े ट्रांजेक्शन वाले खातों को बैंक में होल्ड कराकर बाद में बैंक अधिकारियों से संपर्क कर होल्ड हटवाने के बाद रकम निकाल लेते थे। गाजियाबाद, सूरत, रायपुर और जगदलपुर पुलिस भी आरोपी की तलाश कर रही थी।
पकड़े गए आरोपियों में मनोज कुमार भुतड़ा निवासी ग्राम बिरेतरा जिला बालोद, केवल सेठिया निवासी केसलुर जिला बस्तर और सत्यनारायण सेठिया निवासी मांझीगुड़ा थाना दरभा जिला बस्तर शामिल हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें रवाना कर चुकी है।
मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।