
दुर्ग। अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हनीट्रैप के जरिए रची गई नाबालिग के अपहरण की साजिश का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया। मामले में पीड़ित परिवार का परिचित ही मास्टरमाइंड निकला, जिसे उसके साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को प्रार्थी ने थाना अमलेश्वर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नाबालिग पुत्र को मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक बुलाकर अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया। घटना के बाद आरोपियों ने मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर धमकी भी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमलेश्वर पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू टीम की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन धमतरी में मिलने पर वहां की पुलिस के साथ समन्वय कर दबिश दी गई और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य साजिशकर्ता संजय साहू, जो पीड़ित का भांजा और परिचित है, ने हेम पुष्पा साहू के माध्यम से हनीट्रैप की योजना बनाई थी। आरोपियों ने मिलकर बालक को झांसे में लेकर अपहरण किया और फिरौती के लिए दबाव बनाने की कोशिश की।
इस मामले में शैलेन्द्र लहरे (25 वर्ष), कृष्णा साहू उर्फ करण (28 वर्ष), रविंद्र लहरें (20 वर्ष), संजय साहू (25 वर्ष) और हेम पुष्पा साहू (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सेंट्रो कार और 6 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्रकरण में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया और अज्ञात व्यक्तियों के संपर्क में सतर्क रहें तथा हनीट्रैप जैसी घटनाओं से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
