
दुर्ग। साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन के लिए अपने बैंक खाते उपलब्ध कराकर अवैध कमाई करने वाले 6 लोगों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल और प्राप्त साइबर शिकायतों के आधार पर थाना उतई क्षेत्र के कुछ बैंक खातों की जांच की गई। जांच में पता चला कि साइबर ठगी से हासिल रकम को कई संदिग्ध खातों में जमा कर अन्य खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। ये खाते म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
जांच के दौरान वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध और अनधिकृत लेन-देन सामने आए। इसके बाद 30 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने जांच के दौरान 6 खाताधारकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम अन्य लोगों को उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन में किया जाता था। इसके बदले उन्हें आर्थिक लाभ मिलता था।
गिरफ्तार आरोपी
1 भूपेन्द्र हिरवानी (23 वर्ष), सुपेला, दुर्ग
2 नवलेश्वर पाटले (35 वर्ष), संजय नगर, सुपेला, दुर्ग
3 पवन सिंह (32 वर्ष), प्रगति नगर, भिलाई
4 आकाश चन्द्राकर (37 वर्ष), रिसाली, दुर्ग
5 अर्पण शुक्ला (23 वर्ष), तितुरडीह, दुर्ग
6 मुकेश सिंह (23 वर्ष), सेक्टर-7, भिलाई
जब्त सामग्री
• बैंक पासबुक
• एटीएम कार्ड
• मोबाइल सिम कार्ड
• बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल सिम या बैंकिंग जानकारी उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना साइबर अपराध में सहभागिता माना जा सकता है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।