
दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन जुए और बेटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ताजा कदम में सरकार ने करीब 300 और गैर-कानूनी वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है, जिससे अब तक बंद किए गए ऐसे प्लेटफॉर्म की कुल संख्या लगभग 8,400 तक पहुंच गई है।
इस कार्रवाई में कई तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जैसे स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, ऑनलाइन कसीनो ऐप्स (स्लॉट्स, रूलेट), लाइव डीलर गेम्स और पीयर-टू-पीयर (P2P) बेटिंग एक्सचेंज। इसके अलावा सट्टा-मटका नेटवर्क और रियल मनी गेमिंग ऐप्स भी इस दायरे में आए हैं, जो अवैध रूप से संचालित हो रहे थे।
📌 कानून लागू होने के बाद तेज हुई कार्रवाई
सरकार की यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल, 2025 के लागू होने के बाद और तेज हो गई है। यह कानून 21 अगस्त 2025 को संसद से पास हुआ था और 1 अक्टूबर 2025 से देशभर में लागू किया गया।
इस कानून का मुख्य उद्देश्य लोगों को रियल मनी गेमिंग के जोखिम, लत और आर्थिक नुकसान से बचाना है, साथ ही सुरक्षित और नियंत्रित ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देना है।
⚖️ नियम तोड़ने पर सख्त सजा
नए नियमों के तहत पोकर, रमी और फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे पैसों से जुड़े गेम्स को अवैध रूप से चलाने या प्रमोट करने पर सख्त सजा का प्रावधान है
० भारी जुर्माना,
० अधिकतम 3 साल की जेल
इसके साथ ही, कानून में ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया बनाने का प्रावधान भी है, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगी और सुरक्षित ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगी।
📊 किन प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज
सरकार द्वारा ब्लॉक किए गए प्लेटफॉर्म में शामिल हैं:
▪️ ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग वेबसाइट्स
▪️ स्लॉट्स, रूलेट और लाइव डीलर गेम्स वाले ऑनलाइन कसीनो
▪️ P2P बेटिंग एक्सचेंज प्लेटफॉर्म
▪️ सट्टा और मटका नेटवर्क
▪️ रियल मनी कार्ड और कसीनो गेमिंग ऐप्स
🎯 सरकार का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म जल्दी पैसे कमाने के लालच देकर लोगों को जुए की लत में धकेलते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और सामाजिक समस्याएं बढ़ती हैं।
यह कदम डिजिटल इकोनॉमी को सुरक्षित बनाने और परिवारों को ऐसे जोखिमों से बचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।