
एसएसपी विजय अग्रवाल ने दिए साइबर फ्रॉड से बचाव के टिप्स, कर्मचारियों को किया जागरूक
दुर्ग। पॉवरग्रिड दुर्ग (मेडेसरा) उपकेंद्र में आज साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर दुर्ग पुलिस द्वारा एक्सपर्ट सेशन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पॉवरग्रिड के अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। उन्होंने कहा कि जागरूक रहकर ही साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है। वर्तमान समय में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है, जबकि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग की जानकारी दी और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, डाटा चोरी और अन्य साइबर खतरों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सावधानी और सही जागरूकता से ही साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है।
साइबर एक्सपर्ट डॉ. संकल्प राय (साइबर सेल दुर्ग पुलिस) ने साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए और साइबर क्राइम वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई।
दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम से पॉवरग्रिड के अधिकारी और श्रमिकों को साइबर सुरक्षा की गहन जानकारी मिली।
कार्यक्रम में पॉवरग्रिड मेडेसरा दुर्ग के अधिकारी पिनाकी भट्टाचार्य (उप महाप्रबंधक), अजय रावल, सत्यवान साहू एवं ओ. पी. चन्द्रम उपस्थित रहे।

दुर्ग पुलिस का यह प्रयास साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।