
रायपुर।
शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई लगातार जारी है। ईडी रायपुर द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मंगलवार को विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। संभावना है कि ईडी अदालत से उनकी रिमांड अवधि बढ़ाने का अनुरोध करेगी।
इससे पहले ईडी ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिसे उन्होंने नगद में लेकर रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश किया।
इधर, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय कुमार मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह शामिल हैं।
संजय मिश्रा और मनीष मिश्रा पर नेक्स्टजेन पावर कंपनी बनाकर एफएल-10 लाइसेंस के माध्यम से राज्य में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की आपूर्ति करने और अवैध धन को वैध दिखाने के आरोप हैं। दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल और कारोबारी अनवर ढेबर का करीबी माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान ईओडब्ल्यू को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं, जो घोटालों से संबंधित हैं। हालांकि, अभी तक ईओडब्ल्यू की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।