
नई दिल्ली । इस्लामी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक पर्व ‘मुहर्रम’ इस साल 6 या 7 जुलाई 2025 को मनाया जा सकता है। इसकी तारीख चाँद दिखने पर निर्भर करेगी। फिलहाल सरकारी कैलेंडर में 6 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है। लेकिन अगर उस दिन चाँद नहीं दिखता तो छुट्टी 7 जुलाई को लागू हो सकती है।
देशभर में सार्वजनिक अवकाश
मुहर्रम इस्लाम धर्म के चार पवित्र महीनों में से एक है। इस मौके पर देशभर में सार्वजनिक अवकाश रहता है। स्कूल, बैंक, डाकघर, सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ ज्यादातर प्राइवेट ऑफिस और संस्थान भी बंद रहते हैं। छुट्टी का ये नियम देश के अधिकांश हिस्सों में लागू होता है।
शेयर बाजार पर भी असर
मुहर्रम के दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करेंसी डेरिवेटिव और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। साथ ही SLB (सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग) से जुड़ी सेवाएं भी बंद रहेंगी।
MCX पर रहेगा आंशिक अवकाश
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी इस दिन आंशिक अवकाश रहेगा। सुबह का सत्र पूरी तरह बंद रहेगा। लेकिन शाम का सत्र शाम 5:00 बजे से रात 11:30 या 11:55 बजे तक खुलेगा।
मुहर्रम इस्लामी नववर्ष की शुरुआत
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। इसे इस्लाम के चार पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस महीने का 10वां दिन ‘आशूरा’ कहलाता है, जो खास तौर पर शिया मुस्लिम समुदाय के लिए शोक का दिन होता है।
कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि
आशूरा के दिन पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार की शहादत की याद में कार्यक्रम होते हैं। 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में इमाम हुसैन को उनके परिवार समेत शहीद कर दिया गया था। ये घटना इस्लाम के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक मानी जाती है। इस दिन शोक जुलूस निकाले जाते हैं, लोग व्रत रखते हैं और दान-पुण्य करते हैं।
चाँद के हिसाब से तय होती है तारीख
इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह चंद्र दर्शन (चाँद दिखने) पर आधारित होता है। इसलिए मुहर्रम की तारीख हर साल बदलती रहती है। इस बार अगर चाँद 6 जुलाई को दिखाई देता है तो उसी दिन मुहर्रम होगा। अगर नहीं दिखता तो छुट्टी 7 जुलाई को मान्य होगी। इसकी आधिकारिक पुष्टि सरकार द्वारा चाँद दिखने के बाद ही की जाएगी।