
दुर्ग । प्रार्थी संतोष कुमार देशमुख, निवासी ग्राम देवादा, थाना सोमनी, जिला राजनांदगांव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अंजोरा स्थित मकान को 46 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया गया था। सौदे के तहत आरोपियों पोषण, सकुन और प्रीति निषाद ने प्रार्थी से 20 लाख रुपये लेकर मकान की रजिस्ट्री का इकरार किया, लेकिन बाद में उसी मकान को मो. वसीम खान को 46.5 लाख रुपये में बेचने के लिए फिर से इकरारनामा कर 5 लाख रुपये एडवांस ले लिया।
जब प्रार्थी ने इस बारे में जानकारी मिलने पर वसीम और हुस्ना बेगम से संपर्क किया तो उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री तभी करवाने की बात कही जब प्रार्थी उन्हें 5 लाख रुपये लौटा देगा। इस दबाव में आकर प्रार्थी ने 3.30 लाख रुपये और दिए, जिसके बाद मकान की रजिस्ट्री हुस्ना बेगम के नाम करवा दी गई। इस प्रकार सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई।
मामले में पुलिस चौकी अंजोरा में अपराध क्रमांक 196/2025, धारा 420, 120 (बी) भादवि के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी हुस्ना बेगम को 12 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। फरार चल रहे अन्य आरोपी पोषण निषाद, प्रीति निषाद और सकुन निषाद को 24 जून को गिरफ्तार किया गया। इनसे धोखाधड़ी की रकम में से 5500 रुपये जब्त किए गए। पूछताछ में शेष राशि खर्च हो जाना बताया गया है।
आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया। मुख्य आरोपी वसीम खान अब भी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
- पोषण निषाद
- सकुन निषाद
- प्रीति निषाद — निवासी थनौद रोड, अंजोरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग
बरामद रकम:
- पोषण निषाद से ₹2000
- सकुन निषाद से ₹3500
कुल ₹5500
इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी खगेन्द्र पठारे, रेमन साहू, आशीष राजपूत, टोमन देशमुख, योगेश चंद्राकर और सीमा साहू की अहम भूमिका रही।