
भोपाल: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भोपाल दौरे के दौरान सुरक्षा में गंभीर चूक सामने आई है। राजा भोज सेतु के सामने कमला पार्क के पास अचानक भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके चलते उनका काफिला करीब 30 सेकंड तक रुका रहा। इसी दौरान एक महिला तख्ती लेकर गाड़ी के सामने आ गई, जिसे तुरंत एक पुलिसकर्मी ने हटाया। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा के बीच स्वागत की अफरातफरी: कार्यकर्ता गिरे, जाम की स्थिति
राहुल गांधी के स्वागत में उमड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। जानकारी के मुताबिक, जातिगत जनगणना के समर्थन में धन्यवाद देने के लिए हजारों महिलाएं और कार्यकर्ता पहुंचे थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस विफल रही। काफिले के न रुकने से लगभग 10–15 कार्यकर्ता सड़क पर गिर गए।
विधायकों ने किया घोड़े-ऊंट से स्वागत, पॉलिटेक्निक चौराहे पर जाम
इस खास मौके पर विधायक बाबू जंडेल और दिनेश गुर्जर घोड़े और ऊंट लेकर राहुल गांधी के स्वागत के लिए पहुंचे थे। जब राहुल का काफिला इस मार्ग से गुजरा, तब पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी जाम लग गया। ये दृश्य देख प्रशासनिक तैयारी की कमी साफ झलक रही थी।
सृजन अभियान का भोपाल में शुभारंभ, संगठन को मिलेगी नई धार
राहुल गांधी ने अपने दौरे के दौरान कांग्रेस के संगठनात्मक सशक्तिकरण अभियान ‘सृजन अभियान’ का शुभारंभ किया। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता आशिफ जकी ने कहा, “भोपाल राहुल गांधी के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार था। यह अभियान पार्टी के सबसे छोटे कार्यकर्ता को भी सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। निश्चित तौर पर कांग्रेस की सरकार बनेगी।”
गुजरात के बाद अब मध्यप्रदेश में ‘सृजन’: 61 पर्यवेक्षक राज्यों में तैनात
गौरतलब है कि ‘सृजन अभियान’ की शुरुआत कांग्रेस के सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले राज्य गुजरात से हुई थी। मध्यप्रदेश इस अभियान का दूसरा पड़ाव है। कांग्रेस ने देशभर से 61 वरिष्ठ नेताओं को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया है, जिनमें यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, असम, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के विधायक, सांसद और पूर्व मंत्री शामिल हैं।