
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानी तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसके तहत 166 स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है, जिनमें छात्रों की संख्या कम है और पास में ही दूसरा स्कूल संचालित है।
काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी
राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार 6 जिलों में अतिशेष 1498 सहायक शिक्षकों, प्रधान पाठकों और व्याख्याताओं की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब तक 1500 से अधिक शिक्षकों को नवीन पदस्थापना जारी कर दी गई है।
क्या है युक्तियुक्तकरण?
युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। जिन स्कूलों में कम छात्र हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाएगा, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके।
बेहतर शिक्षा के लिए समायोजन
इस समायोजन से बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे।
शिक्षा का स्तर सुधरेगा
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। सरकार की मंशा साफ है — हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से हो।
10,297 स्कूल रहेंगे चालू
शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहां आवश्यकता होगी, वहां शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।