भिलाई शिवसेना जिलाध्यक्ष चला रहा था महादेव सट्टा रैकेट, दो आरोपी गिरफ्तार


म्यूल अकाउंट के जरिए खपाया जाता था ऑनलाइन सट्टे का पैसा, प्रॉपर्टी डीलिंग का दिखाया जाता था कारोबार

दुर्ग । दुर्ग जिले की नंदिनी थाना पुलिस ने महादेव सट्टा ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने शिवसेना भिलाई युवा विंग के जिलाध्यक्ष आकाश राजपूत और उसके साथी धर्मेंद्र निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन सट्टे से आए काले धन को प्रॉपर्टी डीलिंग की आड़ में सफेद कर रहे थे।

म्यूल अकाउंट से होता था सट्टे के पैसों का लेनदेन
एसीसीयू प्रभारी डीएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से म्यूल अकाउंट बरामद हुए हैं, जिनके जरिए ऑनलाइन सट्टे का पैसा अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद यह पैसा नकद निकालकर उसे वैध कमाई के रूप में दिखाया जाता था।

जांच में पता चला कि धर्मेंद्र निर्मलकर के नाम से एक एचडीएफसी बैंक का खाता संचालित हो रहा था, जिसमें ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लेनदेन मिले हैं। पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि उसने यह खाता आकाश राजपूत को इस्तेमाल करने दिया था। पुलिस ने जांच में पाया कि इस खाते में पांच हजार रुपए सट्टे से संबंधित जमा हुए थे। धर्मेंद्र को इस बात की जानकारी थी कि इस खाते का दुरुपयोग किया जाएगा।

प्रॉपर्टी डीलिंग की आड़ में चला रहे थे रैकेट
मुख्य आरोपी आकाश राजपूत, भिलाई में शिवसेना का युवा विंग जिलाध्यक्ष है। वह कुरुद स्थित भगवा चौक के पास मौर्या कंस्ट्रक्शन में काम करता था। कंपनी के संचालक चंद्रकांत मौर्या ने बताया कि आकाश शिवसेना और गौ रक्षा से जुड़ा हुआ था और वह काम पर कम और छुट्टी अधिक लेता था। पिछले एक महीने से वह काम पर नहीं आ रहा था।

उन्होंने बताया कि चूंकि वह राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहता था, इसलिए उसकी गैरमौजूदगी को लेकर किसी ने शक नहीं किया। लेकिन जब पुलिस का फोन आया तो उन्हें आकाश की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली।

सुपेला पुलिस ने भी किया म्यूल अकाउंट रैकेट का खुलासा
इधर, सुपेला थाना पुलिस ने भी एक अलग मामले में म्यूल अकाउंट से साइबर ठगी करने वाले आरोपी सुधीर साव को गिरफ्तार किया है। इस मामले में शिकायत शिव कुमार साव ने दर्ज कराई थी, जिसने बताया कि उसका खाता उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में है। उसका खाता उसके जीजा सुधीर साव ने किसी बहाने से लिया था।

बाद में उसे पता चला कि उसके खाते का उपयोग ठगी से प्राप्त पैसों के ट्रांजैक्शन में किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि उस खाते में 30 हजार रुपए की ठगी की रकम जमा हुई थी। आरोपी सुधीर साव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की पूछताछ कर रही है। ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है। बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन और मनी ट्रेल की गहराई से जांच की जा रही है।

यह मामला न केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी का है, बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह से राजनीतिक और सामाजिक पदों पर रहने वाले लोग भी इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं।

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