
दुर्ग । दुर्ग जिले में वर्षों से लंबित स्थायी और गिरफ्तारी वारंटों की तामीली हेतु 15-16 मई की दरम्यानी रात को “ऑपरेशन विश्वास” नामक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में वारंटियों की तलाश कर उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गईं। कुल 30 टीमों में लगभग 150 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहे।

अभियान की शुरुआत गुरुवार और शुक्रवार की रात से हुई और इसे जिले के वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटर किया गया। अभियान के तहत कुल 235 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 204 स्थायी वारंट और 31 गिरफ्तारी वारंट शामिल थे।
इस विशेष कार्रवाई के दौरान थाना छावनी क्षेत्र के एक 27 वर्ष से फरार वारंटी को भी गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त एक कुख्यात गुंडा-बदमाश पर जारी जिला बदर वारंट की भी तामीली कराई गई।
सभी गिरफ्तार वारंटियों के फिंगरप्रिंट लेकर उनका डेटा रिकॉर्ड किया गया है, जिससे आगे भी उनकी निगरानी की जा सकेगी। पुलिस ने सभी आरोपियों को कड़े शब्दों में भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की चेतावनी भी दी है।
“ऑपरेशन विश्वास” के माध्यम से दुर्ग पुलिस ने एक सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बचने की कोई जगह नहीं है, और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।