
दुर्ग, । सुप्रीम कोर्ट ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर स्प्रे की अध्यक्षता में आज दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण “संयुक्त सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक” का आयोजन लोक निर्माण विभाग के सभागार में किया गया। इस बैठक में संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष संजय शर्मा तथा समस्त रोड सेफ्टी सेल के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने दुर्ग जिले की वर्तमान सड़क सुरक्षा की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बैठक का उद्देश्य स्पष्ट किया। इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत किए गए। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सख्त प्रवर्तन के चलते दुर्घटनाओं में कमी आई है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में सड़कों के विकास के साथ-साथ लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाओं में मृत्युदर अधिक है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात द्वारा बैठक का एजेंडा बिंदुवार प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात न्यायमूर्ति स्प्रे ने देश में सड़क दुर्घटनाओं से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग दो लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं और हर पाँच मिनट में एक व्यक्ति दुर्घटना का शिकार होता है। इस कारण परिवारों पर भारी आर्थिक व मानसिक संकट उत्पन्न होता है।
न्यायमूर्ति ने सभी विभागों को जिम्मेदारी से कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग को ब्लैक स्पॉट एवं ग्रे स्पॉट स्थलों का निरीक्षण कर समस्याओं को शीघ्र दूर करना होगा ताकि भविष्य में दुर्घटनाएं न हों। विशेष रूप से पुलिस विभाग को शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और किसी भी प्रकार की रियायत न देने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत, शिक्षा विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग सहित अन्य सभी विभागों को जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को अपने घर के पुरुषों को नशे की स्थिति में वाहन न चलाने के लिए समझाइश देने, दोपहिया वाहन चलाते समय ISI मार्क हेलमेट का उपयोग करने, तथा नाबालिगों को वाहन न चलाने देने जैसे संदेश घर-घर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि दुर्ग जिले में एक जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया जाए, जिसमें सभी विभागों से उत्साही और उत्तरदायी अधिकारियों को शामिल किया जाए तथा इस समिति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही, दुर्ग को दुर्घटना-मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
बैठक के समापन पर कलेक्टर ने सभी विभागों को न्यायमूर्ति द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।