
नाबालिग प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश
रायपुर । रायपुर जिले के धरसीवां में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। विवाहित महिला और नाबालिग के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन जब महिला ने किसी और से प्रेम करना शुरू किया, तो नाबालिग ने उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
खेत में मिली थी महिला की अर्धनग्न लाश
20 मार्च की रात नरदहा से महिला अचानक लापता हो गई थी। तीन दिन बाद, 23 मार्च को, मोहदी टाडा मार्ग के पास एक खेत में उसकी अर्धनग्न लाश मिली। मृतका की पहचान सरिता यादव (28) पत्नी लखेश्वर यादव, निवासी नरदहा, थाना विधानसभा के रूप में हुई।
परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी रिपोर्ट
सरिता के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने थाना विधानसभा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसका एक नाबालिग से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
एसएसपी ने गठित की विशेष टीम, सुलझी मर्डर मिस्ट्री
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और धरसीवा पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की। एएसपी लखन पटले, एएसपी क्राइम संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक उरला पूर्णिमा लांबा, डीएसपी क्राइम संजय सिंह और टीआई धरसीवां राजेंद्र दीवान के नेतृत्व में इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई गई।
नाबालिग ने कबूला जुर्म, बेवफाई बनी हत्या की वजह
पुलिस ने जांच के दौरान नाबालिग को हिरासत में लिया, जो पहले भी दुष्कर्म के आरोप में जेल जा चुका था। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने जुर्म कबूल किया। नाबालिग ने बताया कि उसकी प्रेमिका किसी और से भी प्रेम करने लगी थी, जिससे गुस्से में आकर उसने उसकी हत्या की योजना बनाई।
हत्या की रात: बुलाया, बाइक से ले गया और मार डाला
20 मार्च की रात नाबालिग अपने दो साथियों के साथ बाइक से नरदहा पहुंचा और सरिता को मिलने के लिए घर से बाहर बुलाया। तीनों आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर मोहदी टाडा मार्ग ले गए, जहां धारदार हथियार और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए।
घर जमाई बनकर रह रहा था पति
सरिता की शादी आठ साल पहले ग्राम खोली, थाना खरोरा निवासी लखेश्वर यादव से हुई थी। शादी के बाद वह अपने मायके में रहने लगी, जहां उसका पति भी घर जमाई की तरह रह रहा था।

नाबालिग समेत तीन गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस ने इस हत्याकांड में नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में समीर निषाद उर्फ भूरू (पिता नीलकंठ, निवासी खरोरा), कोमल धीवर (पिता नारायण धीवर, निवासी मंदिर हसौद) और एक नाबालिग शामिल है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।