
दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में जिला अस्पताल में 20 बुजुर्ग आदिवासियों की मोतियाबिंद सर्जरी की गई। लेकिन सर्जरी के बाद 10 बुजुर्गों को आंख में खुजली, दर्द और दिखाई देना बंद हो गया। इसके बाद उन्हें रायपुर के अंबेडकर हॉस्पीटल भेज दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना का संज्ञान लेते हुए डॉक्टर्स की टीम को निर्देश दिया कि सभी का सही से इलाज किया जाए। डॉक्टर गीता नेताम को इस मामले में सस्पेंड कर दिया गया है।
अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि मरीजों की आंखों की स्थिति का पता एक-दो दिन बाद ही चल सकेगा। फिलहाल उन्हें नेत्र रोग विभाग में अलग वार्ड में रखा गया है। जूनियर डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन थिएटर को सैनिटाइज किए बिना ये सर्जरी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अफसरों से इसे लेकर जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर किया है। यह घटना आदिवासी समुदाय के लिए भी चिंता का विषय है, जो पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का सामना कर रहे हैं।
इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी। लेकिन यह तय है कि इस घटना ने दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल की विश्वसनीयता को कम कर दिया है।

