लोहारीडीह मामले मे हुआ खुलासा शिवप्रसाद उर्फ कचरू साहू की संदेहास्पद मृत्यु की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई

सत्येंद्र बडघरे कवर्धा – कबीरधाम जिले के लोहारीडीह मामले मे मध्य प्रदेश के बालाघाट व छत्तीसगढ के कबीरधाम पुलिस ने बड़ा खुलसा किया है पुलिस ने शिवप्रसाद उर्फ कचरू साहू की संदेहास्पद मृत्यु की गुत्थी पुलिस छत्तीसगढ के कबीरधाम व मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की संयुक्त टीम ने मामले को सुलझाया है साथ ही आरोपी दिनेश कुमार पिता रघुनाथ साहू, जाति तेली, निवासी ग्राम लोहारीडीह,थाना रेंगाखार, जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ , रोमन पिता सनूकलाल साहू, जाति तेली, निवासी ग्राम लोहारीडीह, थाना रेंगाखार, जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़,टेकचंद पिता सनूकलाल पटेल, जाति मरार, निवासी भेलवाटोला,थाना रेंगाखार, जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ व राखीलाल पिता सुखराम हिरवाने, जाति तेली, निवासी बनाफरटोला, ग्राम रेलवाही, थाना बिरसा, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया है मामले में पुलिस ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते कचरू साहू की हत्या की गई थी और पुलिस को गुमराह करने की मंशा से कचरू के मृत शरीर को पेड़ पर लटका दिया था, बताया जा रहा है कि दोनों परिवार के बिच आपसी तनाव व टकराव हत्या का कारण बना था ज्ञात हो की सरकारी जमीन पर कब्जे के विवाद के कारण दोनों परिवारों में टकरार बढ़ी हुई थी वही मृतक कचरू साहू की धमकियों के कारण परेशान होकर आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई थी उसी योजना के तहत शिवप्रसाद उर्फ कचरू को अकेले बुलाकर उसकी हत्या की गई थी।

ज्ञात हो की बीते दिनांक 15 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के थाना रेंगाखार अन्तर्गत आने वाले ग्राम लोहारीडीह का निवासी शिवप्रसाद उर्फ कचरू साहू की लाश मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के थाना बिरसा के ग्राम बिजटोला में संदेहास्पद अवस्था में एक पेड़ से लटकी हुई मिली। यह घटना क्षेत्र में तेजी से फैल गई और ग्रामीणों ने मृतक की हत्या के संदर्भ में ग्राम लोहारीडीह के ही रघुनाथ साहू पर संदेह जताया, जिससे कुछ उग्र तत्वों ने रघुनाथ के घर पर हमला कर आग के हवाले कर दिया था जिसमे रघुनाथ साहू की जलकर मौत हो गई थी इस हमले के दौरान रघुनाथ के परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया, लेकिन उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया इस हमले में पुलिस बल ने अपनी जान की परवाह किए बिना रघुनाथ के परिवार को बचाने का प्रयास किया हालांकि, रघुनाथ साहू की जिंदा जलकर मृत्यु हो गई, लेकिन पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने अन्य परिवार वालों को सुरक्षित करने में मदद की पुलिस ने तत्परता दिखाई और ग्रामीणों के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की, जिससे स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनांदगांव के रेंज आईजी दीपक झा (IPS) ने कबीरधाम पुलिस को बालाघाट पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर हत्या की गुत्थी सुलझाने के निर्देश दिए कबीरधाम पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं पंकज पटेल के निर्देशन में थाना रेंगाखार के पर्यवेक्षण अधिकार कृष्ण कुमार चंद्राकर उप पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा एवं टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस के साथ मिलकर मामले की बारीकी से जांच शुरू की
बालाघाट जिले के पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह IPS, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के एल बंजारे ने भी इस मामले में त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश बिरसा पुलिस को दिया जिस पर SDOP बैहर अरविंद शाह के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बिरसा निरीक्षक रेवल सिंह बरदे, उप निरीक्षक अभिषेक तोमर व अपने टीम के साथ जांच प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जांच के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस एवं छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार समन्वय से कम कर रही थी। जांच के दौरान, संदेही दिनेश कुमार और रोमन ने पुलिस को बताया कि शिवप्रसाद उर्फ कचरू साहू उनके साहू समाज का अध्यक्ष था और उसने उन्हें लगातार परेशान किया शिवप्रसाद ने रघुनाथ साहू के खिलाफ उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ का मामला भी दर्ज कराया था इसके अलावा, शिवप्रसाद ने दिनेश साहू को पिछले साल बुरी तरह से मारा था और रोमन साहू के घर में आग लगा दी थी समाज का अध्यक्ष होने के कारण उन्हें समाज से अलग कर दिया गया था, और वे बार-बार शिवप्रसाद से परेशान हो रहे थे दोनों संदेहियों ने बताया कि उन्होंने शिवप्रसाद को जान से मारने की योजना बना ली थी। इस योजना को लागू करने के लिए उन्होंने टेकचंद पटेल को शिवप्रसाद को अकेले में लाने के लिए तैयार किया टेकचंद के माध्यम से, शिवप्रसाद को दमोह थाना बिरसा बुलवाया गया घटना के दिन, संदेहियों ने टेकचंद से शिवप्रसाद को एक सुनसान स्थान पर बुलवाया जहां पर अन्य तीनों आरोपी पहले से मौजूद थे जब शिवप्रसाद वहां पहुंचे, तो दिनेश ने उसके सिर पर डंडा मारा, जिससे वह घायल हो गया इसके बाद, दिनेश और रोमन ने शिवप्रसाद को पकड़ लिया और उसके गले में गमछा डालकर कस दिया, जिससे वह बेहोश हो गया बाद में, उन्होंने शिवप्रसाद की लाश को फांसी के रूप में दिखाने के लिए पेड़ से लटकाने की योजना बनाई इसके लिए,उन्होंने पहले उसके शव को अपने कंधों पर उठाया, लेकिन अचानक उसका मोबाइल बजने लगा जब उन्होंने मोबाइल निकालने की कोशिश की, तो वह नीचे गिर गया इसके बाद, उन्होंने उसकी लाश को फिर से उठाया और उसे पेड़ पर लटकाया, जिससे वह लटकने पर हाथ-पैर हिलाने लगा शिवप्रसाद के मरने की तसल्ली होने पर,उन्होंने उसके मोबाइल को तोड़कर उसकी जेब में रख दिया और उसकी मोटरसाइकिल को लटकाने के स्थान से थोड़ी दूरी पर खड़ा किया इसके बाद, उन्होंने सभी सबूतों को छिपाने के प्रयास में अपने सामान को भी वहां से हटा दिया इस घटना के, सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है उनके विरुद्ध हत्या, साजिश, और सबूत नष्ट करने के अपराध के तहत थाना बिरसा जिला बालाघाट मध्यप्रदेश में अपराध क्रमांक 201/2024 धारा 103(1), 238, 3(5), 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले की विस्तृत जांच जारी है, और दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर इस मामले की विस्तृत छानबीन कर रही है।

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