
गोविंदा चौहान । दुर्ग । शहर के बड़े व्यापारी के बेटे की शादी समाज की लड़की से कराने का झांसा 17.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। व्यापारी का बड़ा बेटा बहनों की शादी और पैतृक व्यवसाय की जिम्मेदारी में उलझा रहा। इसकी वजह से विवाह में देरी हो गई। इस बीच जब व्यापारी ने अपने परिचित से बेटी की शादी का जिक्र किया तो उसने व्यापारी के साथ छल-कपट करने की प्लानिंग कर ली.
व्यापारी की संपत्ति एवं व्यवसाय को हड़पने के इरादे से आरोपी पूर्वा भारती जैन, शांतिलाल जैन, सरला जैन विवाह एजेंट, संतोष जैन, महावीर जैन सूरत वाले, महावीर गांधी और रीना जैन ने मिलकर पूरी साजिश रच दी. इस दौरान आरोपी पूर्वा भारती जैन(प्रार्थी की कथित पत्नी), शांतिलाल जैन (ससुर), सरला जैन (विवाह एजेंट), संतोष जैन (पत्नी का भाई), महावीर जैन सूरत वाले (परिचित), महावीर गांधी और रीना जैन रिश्तेदार का किरदार निभाया. पुलिस ने सभी सातों लोगों के खिलाफ धारा 420, 120 बी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है. इस दौरान विवाह एजेंट बनी सरला जैन प्रार्थी की शादी कराने के लिए डेढ़ लाख रुपए लिए. इसके अलावा शादी संपन्न करने में खर्च होने वाले 16 लाख रुपए भी प्रार्थी के परिवार को देने की शर्त रखी. शादी होने तक आरोपीगण व्यवसायी के परिवार के 17 लाख 50 हजार रुपए की रकम ऐठ ली. शादी के बाद जब प्रार्थी अपनी पत्नी को लेकर कुलदेवी के दर्शन के लिए बाहर जाने की तैयारी करने लगा। टिकट बुक कराने के लिए उसका आधार कार्ड मांगने लग तो पत्नी ने देने से इंकार कर दिया. इसके अलावा पत्नी का व्यवहार भी बदल गया. आशंका होने पर आईजी ऑफिस में शिकायत दर्ज करा दी, जब पुलिस ने छानबीन की तो पत्नी से लेकर रिश्तेदारों का दूसरा नाम निकला.