

दुर्ग। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देश पर बुधवार को जिले में कार्यरत डायल-112 स्टाफ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मणिशंकर चन्द्रा ने की। इस दौरान डायल-112 की कार्यप्रणाली, रिस्पॉन्स टाइम और आमजन के साथ व्यवहार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभारी उप निरीक्षक भिखम टंडन, डायल-112 चालकों के मैनेजर हर्षवर्धन सहित जिले के सभी डायल-112 वाहन चालक और आरक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन कॉल प्राप्त होते ही त्वरित और समयबद्ध रिस्पॉन्स देना डायल-112 की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि मौके पर पहुंचकर पीड़ित और सूचना देने वाले व्यक्ति से शालीन, संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार किया जाए। प्रत्येक कॉल का निष्पक्ष, प्रभावी और विधिसम्मत निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वाहन संचालन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी कहा गया कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन, वर्दी, समयपालन और आचरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डायल-112 को आमजन की आपातकालीन सेवा की पहली कड़ी बताते हुए अधिकारियों ने पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करने पर जोर दिया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि डायल-112 सेवा में लापरवाही, देरी या अनुचित व्यवहार सामने आने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक का उद्देश्य डायल-112 की कार्यक्षमता बढ़ाना, रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाना और जिले में कानून-व्यवस्था तथा जनसुरक्षा को और अधिक मजबूत करना