
राजनांदगांव,
राजनांदगांव जिले के मोहड़ गांव में अवैध रेत खनन को लेकर हुए गोलीकांड मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर सोमनी थाने के टीआई की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

घटना 11 जून की रात करीब 7 से 7:30 बजे के बीच की है, जब मोहड़ गांव के पास नदी किनारे अवैध रेत खनन के लिए जेसीबी से रैम्प तैयार किया जा रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो रेत माफियाओं ने उन पर हमला कर फायरिंग शुरू कर दी। गोलीकांड में रोशन मंडावी गंभीर रूप से घायल हुआ, उसे गोली गले को छूते हुए निकल गई। उसे गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य ग्रामीण — जितेन्द्र साहू और ओम प्रकाश साहू भी हमले में घायल हुए हैं।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बसंतपुर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट और माइनिंग एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। मौके से तीन खाली कारतूस, एक बुलेट का अगला हिस्सा, एक जेसीबी और हाईवा वाहन (CG 08 AT 5089) को जब्त किया गया।
अब तक की कार्रवाई में, जेसीबी चालक भगवती निषाद और संजय रजक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 14 जून को पुलिस ने तीसरे आरोपी, वाहन मालिक अभिनव तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह जेसीबी और हाईवा का मालिक है और अवैध उत्खनन में संलिप्त था। उसे अदालत में पेश कर राजनांदगांव जिला जेल भेजा गया है।
इस बीच, घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सोमनी थाना प्रभारी की संदिग्ध भूमिका उजागर हुई। वीडियो में खनन गतिविधि और पुलिस की संभावित मिलीभगत के संकेत मिलने के बाद, टीआई सत्यनारायण देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस अवैध रेत कारोबार में और भी प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में रेत खनन माफिया के पूरे नेटवर्क को उजागर कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।