
बिलासपुर हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने दुर्ग जिले के कौड़ीकसा गांव में आर्सेनिक पानी के इस्तेमाल से फैल रही बीमारियों पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद वकील विक्रम शर्मा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर जांच करने और वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला?
दुर्ग संभाग मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर अंबागढ़ चौकी के पास स्थित कौड़ीकसा गांव में आर्सेनिक युक्त जहरीले पानी से बीमारी फैलने की खबरें आई थीं। इस गांव की जनसंख्या लगभग 2500 है, जिसमें कई घरों में चर्म रोग और अन्य बीमारियों से लोग पीड़ित हैं।
प्रशासन की दलील
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव ने शपथपत्र प्रस्तुत कर बताया कि गांव में लगभग 20 साल पहले ही फिल्टर प्लांट लगा दिया गया था, जिससे लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। उनका दावा है कि वर्तमान में इस क्षेत्र के दिए जा रहे पानी में आर्सेनिक की समस्या नहीं है, और बीमारी के जो भी मामले हैं वे पुराने हो सकते हैं।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने प्रशासन की दलील को स्वीकार नहीं करते हुए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का फैसला लिया। वकील विक्रम शर्मा को गांव जाकर स्थिति की पड़ताल करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह है कि कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और आगे क्या कार्रवाई होती है ¹ ²।