दुर्ग में सड़क हादसे में नर्स की मौत: निगम की लापरवाही से हुई घटना, परिवार में मातम

दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक नर्स की मौत हो गई। घटना शनिवार शाम को हुई जब नर्स संध्या यादव स्कूटी से अपने घर जा रही थीं। वह दुर्ग जिला अस्पताल में पदस्थ थीं।

पुलिस ने बताया कि घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। संध्या यादव शाम करीब 7.30 बजे स्कूटी से अपने घर जा रही थीं। वह आरटीओ ऑफिस के सामने और खालसा स्कूल के सामने पहुंची तो उसकी स्कूटी का पहिया फिसल गया और वो गिर गई। नौकरानी गड्ढे की तरफ गिरी, जिससे बच गई, लेकिन संध्या सड़क की तरफ गिरी और उसी समय एक बाइक उसके ऊपर से गुजर गई।

संध्या यादव के पति सुरेश यादव ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत निगम प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुई है। उन्होंने नाली खोदकर छोड़ दी। वहीं पर पाइप लाइन का गड्डा खोदकर छोड़ दिया, लेकिन वहां सुरक्षा घेरा नहीं तैयार किया। उन्होंने कहा कि वहां इतनी अधिक फिसलन थी कि जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी का एक्सीडेंट हो गया और वो बाइक से पहुंचे। उसी जगह पर स्लिप होकर गिर गए।

संध्या यादव की दो बेटियां हैं। छोटी बेटी सानवी 18 महीने और बड़ी बेटी स्वधा 11 साल की है। सानवी मां की मौत से अनजान है, लेकिन बड़ी बेटी स्वधा का रो-रोकर हाल बेहाल है। वो किसी से नहीं मिल रही है। वह बस यही कह रही है कि “मम्मा मिस यू… मम्मा आई लव यू”।

हादसे के बाद रविवार सुबह संध्या के शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। यहां से उन्हें मुक्तिधाम अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। परिवार के मुताबिक, संध्या यादव शासकीय आवास में अपने पति सुरेश यादव और दो बेटियों के साथ रहती थीं। वह दुर्ग जिला अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत थीं।

संध्या यादव की मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि संध्या यादव एक अच्छी मां और पत्नी थीं। वह अपने परिवार के लिए बहुत कुछ करती थीं। उनकी मौत से परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा है।

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