
नया सिस्टम क्या है?
डेस्क बोर्ड । भारत टोल प्लाजा पर एएनपीआर कैमरों से टोल कलेक्शन की तैयारी कर रहा है। इससे तेज़ स्वचालित टोल भुगतान सुनिश्चित होगा और धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
टोल प्लाजा पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे यानी एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी मदद से फास्टैग की बजाय वाहन की नंबर प्लेट से टोल टैक्स कटेगा। हरियाणा के हिसार और रोहतक जिले के एक-एक टोल पर नया सिस्टम लगाने का काम शुरू भी हो गया है।
ट्रायल के बाद लागू होगा पूरे देश में
कई राज्यों में हुयी लागू किया जाएगा इन दो टोल प्लाजा पर ट्रायल सफल होने के बाद पहले हरियाणा और फिर देश के अन्य राज्यों में इसे लागू किया जाएगा।
फायदे क्या होंगे?
टोल कंपनियों का मानना है कि इससे टोस नाकों पर फर्जीवाड़ा रुकेगा। नया सिस्टम लागू होने पर वाहन की नंबर प्लेट को फास्टैग से लिंक किए गए बैंक अकाउंट से भी जोड़ा जाएगा ताकि वाहन के टोल पर पहुंचते ही नंबर प्लेट को कैगरे पहचानकर टोल टैक्स काट से।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
यह है ANPR शिष्टम हिसार के रामायण टोल प्लाजा और रोहतक टोल पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिगनीशन बेस स्कैनिंग कैमरे व नए कम्प्यूटर सिस्टम इंस्टाल किए जा रहे हैं। ये कैमरे नंबर प्लेट को पहचानते हैं और उन्हें डिजिटल बना देते हैं। कैमरों की खास बात यह है कि ये कैमरे बहुत शक्तिशाली होंगे और तुरंत ही प्लेट स्कैन कर लेंगे। सक्रीन पर गाड़ी का नंबर-मॉडल भी दिखेगा टोल के पास गाड़ी आते ही लालबत्ती होगी। आपरेटर द्वारा ग्रीन बत्ती न किए जाने तक वाहन वहीं खड़ा रहेगा. साथ में स्क्रीन पर टोल देने के लिए रुके वाहन का नंबर और वाहन का माडल भी लिखा आएगा। अगर वाहन चालक का फास्टैग काम नहीं कर होगा तो नंबर प्लेट स्कैन होते ही बैंक के सर्वर से टोल कंपनी के पास मैसेज आएगा। साथ ही यह भी बता देगा कि यह फास्टैग ऑरिजनल है या नहीं है।
HSRP में होती है पूरी डिटेल
भारत में अब गाड़ियों में हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP लगती हैं। इस तरह के नंबर प्लेट्स से गाड़ी से जुड़ी सभी जानकारी मिल जाती है।