
न्यू दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को गुरुग्राम स्थित एमटेक ऑटो लिमिटेड की 5,115 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली. कंपनी पर सरकारी बैंकों से 27,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है.
जांच में पता चला है कि कंपनी ने 500 से अधिक शेल कंपनियों का उपयोग कर 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फंड को लॉन्ड्रिंग किया था. आरोपियों ने अपनी समूह कंपनियों को दिवालियापन में ले जाने के लिए वित्तीय विवरणों में हेरफेर किया और नकली संपत्तियां बनाई थीं.
जब्त की गई संपत्तियों में 85 संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें दिल्ली के प्रमुख स्थानों में बड़े वाणिज्यिक संपत्तियां और फार्महाउस, महाराष्ट्र में 200 हेक्टेयर भूमि, हरियाणा और पंजाब में सैकड़ों एकड़ भूमि, औद्योगिक भूमि, आवासीय प्लॉट कॉलोनियां, फ्लैट आदि शामिल हैं.
ईडी ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिक धन के डायवर्जन को लेकर चिंता व्यक्त की थी और इस बात पर जोर दिया था कि संबंधित बैंकों द्वारा खातों का निपटान किए जाने के बाव गिरफ्तारी के बाद ईडी द्वारा व्यापक जांच की आवश्यकता है. ईडी ने 9 जुलाई को धाम को गिरफ्तार कर लिया था.