भिलाई सूर्या माल में जल्द बंद होगी पार्किंग के नाम से अवैध वसूली-अरुण सिंह सिसोदिया


भिलाई, 06 ।
जन अधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह सिसोदिया ने जिला दुर्ग कलेक्टर एवं नगर पालिक निगम भिलाई-दुर्ग आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर सूर्या ट्रेसर मॉल, भिलाई वार्ड क्रमांक-3 में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क के नाम पर की जा रही कथित वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा संबंधित मॉल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त मॉल एक व्यावसायिक परिसर है, जिसमें विभिन्न प्रकार की दुकानें एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मॉल परिसर में आने वाले ग्राहकों से पार्किंग के नाम पर अलग से शुल्क लिया जा रहा है।
जन अधिकार परिषद ने अपने ज्ञापन में भवन निर्माण एवं पार्किंग संबंधी लागू नियमों, नगर निकाय संबंधी प्रावधानों तथा उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े पूर्व न्यायिक/उपभोक्ता आयोग के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि व्यावसायिक भवनों में आवश्यक पार्किंग व्यवस्था भवन स्वीकृति एवं निर्माण नियमों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। ऐसे में ग्राहकों से अलग से पार्किंग शुल्क वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) एवं सेवा में कमी (Deficiency in Service) के दायरे में आने की जांच की जानी चाहिए।
ज्ञापन में विभिन्न न्यायिक मामलों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा गया है कि देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में मॉल एवं व्यावसायिक परिसरों द्वारा पार्किंग शुल्क वसूली से संबंधित मामलों में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क वसूली के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं।
4 अक्टूबर को ₹60 पार्किंग शुल्क लेने का आरोप
ज्ञापन में प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह सिसोदिया ने उल्लेख किया है कि 04 अक्टूबर 2026 को स्वयं मॉल में प्रवेश करने पर कार पार्किंग के लिए ₹60 शुल्क लिया गया। उनके अनुसार यह वसूली नियमों के विपरीत प्रतीत होती है। उन्होंने प्रशासन से पार्किंग शुल्क वसूली की वैधानिकता की तत्काल जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में पार्किंग शुल्क वसूली अनियमित अथवा अवैध पाई जाती है तो—
पार्किंग शुल्क की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
अब तक वसूले गए शुल्क का पूरा विवरण लिया जाए।
संबंधित उपभोक्ताओं को राशि वापस कराने की कार्रवाई की जाए।
मॉल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
आवश्यक होने पर ₹20 लाख तक की दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
अवैध वसूली से संबंधित GST एवं आयकर संबंधी पहलुओं की भी जांच कराई जाए।
पार्किंग व्यवस्था, भवन स्वीकृति एवं संबंधित नियमों के पालन की जांच की जाए।
अरुण सिंह सिसोदिया ने कहा कि आम नागरिकों और उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगर निगम से मामले में निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई एवं कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

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