अपराध विवेचना में तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल पर जोर, 45 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को मिला प्रशिक्षण


दुर्ग::अंकिता:- पुलिस लाइन दुर्ग के दधीचि प्रशिक्षण हॉल में 45 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को अपराधों की तथ्यात्मक, साक्ष्य आधारित और तकनीकी रूप से प्रभावी विवेचना के लिए व्यावहारिक जानकारी देना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान महिला संबंधी अपराध, मर्ग जांच, गुम इंसान, शिकायत, आबकारी अधिनियम, समंस-वारंट तामीली, स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंट तथा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की विवेचना से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
अधिकारियों को घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण करने, आसपास के लोगों के बयान दर्ज करने, CCTV फुटेज और दस्तावेजी साक्ष्यों का विश्लेषण करने तथा विभिन्न साक्ष्यों को आपस में जोड़कर विवेचना आगे बढ़ाने की प्रक्रिया समझाई गई।
e-Sakshya, ICJS और CCTNS के उपयोग पर विशेष जोर
प्रशिक्षण में तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को e-Sakshya एप में ID निर्माण, ICJS से रिकॉर्ड प्राप्त करने और CCTNS में IF-11 फॉर्म अपडेट करने की प्रक्रिया बताई गई।
इसके अलावा PM रिपोर्ट के अध्ययन, Body के External एवं Internal Examination को समझने तथा चिकित्सकीय साक्ष्यों को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से जोड़कर विवेचना करने के तरीके भी बताए गए।
अपराधों में प्रयुक्त हथियारों की खरीदी-बिक्री एवं संबंधित गतिविधियों की जांच के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और GPRS डेटा के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
दुर्ग पुलिस के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी, तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित बनाना है, ताकि आपराधिक प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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