
दुर्ग। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के संगठित नेटवर्क के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में अब तक कुल 123 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपियों पर साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए प्राप्त करने, छिपाने और दूसरे खातों में ट्रांसफर कर अवैध लाभ कमाने का आरोप है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से हासिल रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कर आगे ट्रांसफर की जा रही थी। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि खाताधारकों ने स्वयं या अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे।
सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। विवेचना के दौरान 8 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए।
वहीं, छावनी थाना पुलिस ने इसी नेटवर्क से जुड़े मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके 15 आरोपियों के अलावा दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
1 मोदित कुमार जैन (26), भिलाई-3
2 करण टंडन (21), सुपेला
3 अवध किशोर (55), खुर्सीपार
4 संकेत कुमार दास (27), खुर्सीपार
5 रविंद्र कौशिक (20), खुर्सीपार
6 शहबाज आलम (26), जामुल
7 ए. सागर (36), सुपेला
8 प्रीति कौर (37), सुपेला
9 प्रेमलाल कौशिक (23), खुर्सीपार
10 ललित कुमार (24), खुर्सीपार
जब्त सामग्री
• विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन
• इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक
• एटीएम कार्ड
• आधार कार्ड