

दुर्ग। जिले में आपातकालीन पुलिस सहायता व्यवस्था को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेंद्र यादव ने डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेन सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने नवीन डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


दुर्ग पुलिस को Phase-2 Next Gen परियोजना के तहत 35 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) और 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन प्राप्त हुए हैं। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को नई तकनीक से लैस डायल-112 सेवा, हाईवे पेट्रोलिंग सिस्टम और त्वरित पुलिस सहायता व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के जरिए पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य शासन नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीक आधारित आपातकालीन सहायता व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि नई ERV और हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में लोगों को पहले से अधिक तेजी से सहायता मिल सकेगी।
वहीं ललित चंद्राकर ने कहा कि डायल-112 सेवा आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद व्यवस्था बन चुकी है और नए वाहनों के शामिल होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस सहायता व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर इन वाहनों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी वाहनों में GPS, PTZ कैमरा, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रिस्पांस टाइम और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, महापौर नीरज पाल, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और डायल-112 स्टाफ मौजूद रहे।
