
दुर्ग । दंतेवाड़ा पुलिस को 50 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी के मामले में अहम सफलता मिली है। पुलिस ने करीब दो साल से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी बिहार के निवासी हैं, जिन्होंने दंतेवाड़ा के किरन्दुल निवासी व्यक्ति को झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
मामले के अनुसार वर्ष 2023 में प्रार्थी को एक फोन कॉल आया था, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक पार्सल आया है, जिसमें विदेशी मुद्रा है। पार्सल हासिल करने के लिए कस्टम चार्ज, सीबीआई चार्ज और इनकम टैक्स के नाम पर लगातार रकम जमा कराने को कहा गया। आरोपियों ने करीब एक माह के भीतर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराकर लगभग 50 लाख रुपये की ठगी कर ली।
पीड़ित की शिकायत पर थाना किरन्दुल में अपराध क्रमांक 87/2023 के तहत धारा 420 भादवि एवं 66(डी) आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। दंतेवाड़ा साइबर सेल और किरन्दुल पुलिस की संयुक्त टीम ने 100 से अधिक बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण किया और साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरविन्द कुमार पिता दीपक चौधरी (25 वर्ष), निवासी बंगाली कॉलोनी, छतौनी, पूर्वी चंपारण (बिहार) और विद्या कुमार पिता राजेन्द्र साहनी (23 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 12, शिव मंदिर के पास, जौकटिया, थाना मझौलिया, पश्चिम चंपारण (बिहार) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।