
दुर्ग, 17 अक्टूबर। यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा आज नेहरू नगर स्थित यातायात कार्यालय में बस यूनियन पदाधिकारियों, बस स्वामियों और चालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात अनुशासन का पालन सुनिश्चित करना और बस संचालन से संबंधित समस्याओं का समाधान करना रहा।
बैठक में एएसपी (यातायात) मिश्रा ने विस्तृत दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी बस यूनियन अपने चालकों को यह सुनिश्चित कराएं कि वे किसी भी स्थिति में नशे की हालत में वाहन संचालन न करें। चालक की स्थिति की जांच करने के बाद ही बस का संचालन प्रारंभ किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि बसें केवल निर्धारित मार्गों पर मुख्य सड़कों से ही संचालित हों। सर्विस रोड या रॉन्ग साइड में बस चलाने पर अब सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। बिना परमिट या वैध दस्तावेजों के बस संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, ऐसे वाहनों के विरुद्ध जब्ती एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑटो चालकों को भी यह निर्देश दिए गए कि वे सड़कों के बीच या मुख्य मार्गों पर वाहन खड़ा न करें तथा यात्रियों को केवल निर्धारित ऑटो स्टैंड या किनारे पर ही चढ़ाएं-उतारें। चालकों से यह भी कहा गया कि वे गति सीमा, ट्रैफिक सिग्नल, लेन अनुशासन और नो पार्किंग नियमों का कड़ाई से पालन करें, ताकि यातायात सुचारू और सुरक्षित बना रहे।
एएसपी (यातायात) मिश्रा ने बताया कि दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु प्रतिदिन चेकिंग टीमों की तैनाती, वाहन चालकों की काउंसलिंग और स्कूल-कॉलेजों में ट्रैफिक वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य चालकों में स्वनियंत्रण और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
उन्होंने कहा —
“यातायात अनुशासन केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जनसुरक्षा की जिम्मेदारी है। हर चालक, वाहन स्वामी और नागरिक यदि अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाए, तो दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।”
सार्वजनिक अपील :
यातायात पुलिस दुर्ग नागरिकों से अपील करती है कि —
• वाहन चलाते समय सदैव हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
• नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें।
• सड़क पर अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी बनाए रखें।