
सत्येन्द्र बडघरे कवर्धा – प्रदेश सरकार जहां विकास के नाम पर अपनी पीठ थपथपाते हुए नजर आ रही है तो वहीं सरकार के शिक्षा विभाग इस खोखली नीति की पोल खोलते हुए नजर आ रही है जहां जिले के विधानसभा क्षेत्र पंडरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम झलमला के हायर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों ने शिक्षक की कमी को लेकर स्कूल के में दरवाजे पर तला जड़ दिया तो वहीं दूसरे दिन विधानसभा क्षेत्र कवर्धा स्थित नगर पंचायत पिपरिया के स्वामी आत्मानंद स्कूल के सड़क पर उतर कर बिरकोना मरका रोड को घंटों तक जाम कर दिया दोनों ही मामलों में बच्चों ने स्कूल में शिक्षक की कमी और पढ़ाई ढप होने की बात कही,
वहीं पिपरिया स्कूल के बच्चों ने स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों पर गंभीर आरोप भी लगाते हुए कहा कि स्कूल के स्कूल के शिक्षक उन पर दबाव डालते हुए स्कूल की सफाई करवाते हैं तथा स्कूल में किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा नहीं है हमे ही बाथरूम भी साफ करना पड़ता है स्कूल में शिक्षक नहीं होने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई भी पूरी तरह से प्राप्त नहीं हो पाती और भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है वहीं मामले को देख नगर के दोनों पक्षों के खादी धारक भी मौके पर पहुंचे और मामले में अपने अपने सत्ता की रोटी सेकने लगे जहां दोनों पक्षों में हल्की बहस भी हुई वहीं मौके पर कवर्धा के नायाब तहसीलदार भी पहुंचे साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पिपरिया थाना प्रभारी भी अपने टिम साथ पहुंचे वहीं घंटों मस्कत करने के बाद बच्चो को शांत कराया गया और वापस स्कूल की कक्षा में बैठाया गया l

मौके पर पहुंचे तुकाराम
मामले में घटना स्थल पर कांग्रेसी नेता तुकाराम चंद्रवंशी भी पहुंचे और स्कूल के बच्चो के साथ बात की वहीं तुकाराम चंद्रवंशी ने पूरे स्कूल में घूम कर स्कूल का जायजा लिया तथा जल्द से जल्द समस्या का निवारण करवाने अधिकारियों को कहा वहीं बच्चो ने कहा कि अगर सप्ताह भर में समस्या का हल नहीं हुआ तो वे जल्द ही उग्र आंदोलन भी करेंगे,
चाहे कुछ भी हो मगर बच्चों का यूं लगातार सड़क पर उतरना सरकार की शिक्षा नीति की जमीनी स्तर पर पोल खोलते हुए साफ दिखाई दे रही है अब देखना यह है कि इस घटना से प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग की कुंभकर्डी नींद खुलती है या फिर विभाग गांधी जी के दिए तीनों फार्मूले को निभाते हुवे दिखेगी l
