
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान कुनकुरी रेस्ट हाउस में आमजन से चर्चा करते हुए कहा कि योग मानवता को भारत की अमूल्य देन है। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर बीमारी के इलाज के लिए योग में कोई न कोई उपयोगी आसन मौजूद है। यदि हम नियमित रूप से योग करें, तो बीमारियों से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन देने वाली सम्पूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है। उनके प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया।
राजधानी में जगह-जगह लगेंगे योग शिविर
11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शनिवार सुबह राजधानी रायपुर के उद्यानों, संस्थानों व सार्वजनिक स्थानों पर योगाभ्यास शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में योग शिक्षकों द्वारा अनुलोम-विलोम, प्राणायाम सहित विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया जाएगा।
- चेंबर भवन: सुबह 7 से 8 बजे तक योग शिविर आयोजित होगा। मुख्य अतिथि संजय शर्मा (एआईजी, ट्रैफिक व रोड सेफ्टी) होंगे। योग विशेषज्ञ डॉ. सुनील शुक्ला व हेमलता निर्मलकर योग के फायदे बताएंगे।
- बापू की कुटिया, गांधी उद्यान: पंजाबी सनातन सभा द्वारा योग शिविर का आयोजन सुबह 7 बजे किया जाएगा।
- कृषि महाविद्यालय, जोरा: जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग द्वारा सुबह 6:30 बजे योग सत्र रखा गया है, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे।
सिविल सोसाइटी की रिसर्च: योग जिम और रनिंग से ज्यादा असरदार
छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी की रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि योग केवल शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग, इम्युनिटी, सांसों और मन को भी संतुलित करता है। योग से थकान नहीं होती, बल्कि ताजगी आती है। रिपोर्ट में ‘सूर्य नमस्कार’ को सबसे असरदार योगासन बताया गया है, क्योंकि इसमें पूरे शरीर की कसरत होती है।
रिपोर्ट के मुताबिक योग तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और लंबी उम्र दिलाने में सबसे प्रभावी है। जिम या रनिंग की तुलना में योग का प्रभाव ज्यादा गहरा और स्थायी होता है।
निष्कर्ष:
योग न सिर्फ भारत की परंपरा है, बल्कि आधुनिक वैज्ञानिक कसौटियों पर भी खरा उतरता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित ये शिविर योग को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगे।