
दुर्ग । दुर्ग जिले के नेवई थाना पुलिस ने एक्टिवा चोरी और मोबाइल झपटमारी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो एक्टिवा वाहन और एक मोबाइल फोन बरामद किया।
वारदात और गिरफ्तारी का पूरा मामला
2 मार्च 2025 को अवधेश सिंह ने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई कि 28 फरवरी 2025 को उनकी सफेद रंग की एक्टिवा (CG07AU6645) चोरी हो गई है। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच, 4 मार्च 2025 को पुष्पेंद्र सिंह मरावी की सफेद रंग की एक्टिवा (CG07AW0931) भी चोरी होने की रिपोर्ट आई।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी वारदात के बाद अपने कपड़े बदल लेता था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। लेकिन, त्रिनयन ऐप के माध्यम से शहर में लगे कैमरों की गहन जांच के बाद एक संदिग्ध चेहरे की पहचान की गई। मुखबिरों की मदद से आरोपी कोमल कुमार ठाकुर उर्फ गोलू (23 वर्ष, निवासी मौहारी मरोदा) को हिरासत में लिया गया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने दोनों एक्टिवा चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके अलावा, उसने भिलाई नगर क्षेत्र में एक लड़की से वीवो कंपनी का मोबाइल झपटने की भी बात कबूल की। आरोपी चोरी के दौरान अपने पास अतिरिक्त कपड़े रखता था, जिन्हें वह घरों में सूखते हुए चुरा लेता था और वारदात के बाद तुरंत पहनकर पहचान छुपा लेता था।
आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले और धाराएँ
- अपराध क्रमांक 50/2025, धारा 303(2) बीएनएस – वाहन चोरी
- अपराध क्रमांक 51/2025, धारा 303(2) बीएनएस – वाहन चोरी
- अपराध क्रमांक 99/2025 (थाना भिलाई नगर), धारा 304(2) बीएनएस – मोबाइल झपटमारी
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल रिमांड) में भेज दिया गया।
बरामद सामान
- एक्टिवा (CG07AU6645) सफेद रंग – ₹30,000
- एक्टिवा (CG07AW0931) सफेद रंग – ₹40,000
- वीवो कंपनी का मोबाइल फोन – ₹25,000
- कुल बरामद संपत्ति – ₹95,000
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरे मामले में नेवई थाना प्रभारी राहुल बंसल, निरीक्षक आनंद शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक रामचंद कंवर, दिनेश वर्मा, प्रधान आरक्षक सूरज पांडेय, आरक्षक रवि बिसाई, मो. समीम, भुमिन्द्र वर्मा, विकास शर्मा, चितरंजन देवांगन, लक्ष्मी नारायण यादव सहित पूरी टीम की सतर्कता और सक्रियता के कारण आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।
दुर्ग पुलिस की इस सफल कार्यवाही से शहर में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।